Site icon hindi.revoi.in

AIMA प्लेटिनम जुबली में करण अदाणी ने की गवर्नेंस, ग्रोथ और डिफेंस पर बात

Social Share

नई दिल्ली, 21 फरवरी 2026: अदाणी ग्रुप तेजी से हो रहे विस्तार के चलते राष्ट्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस से जुड़े इकोसिस्टम और आंतरिक गवर्नेंस पर अपना फोकस और मज़बूत कर रहा है। यह बात शनिवार को अदाणी पोर्ट्स और एसईजेड के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अदाणी ने कही। ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) की प्लेटिनम जुबली के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में, करण अदाणी ने ग्रुप की दशा और दिशा के बारे में विस्तार से बताया।

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी के बेटे करण अदाणी, ने कहा कि ग्रुप का निवेश तीन मुख्य स्तंभों पर टिका है – एनर्जी, लॉजिस्टिक्स और भारत के विकास के लिए ज़रूरी कोर मैटीरियल्स। ऊर्जा के क्षेत्र में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसमिशन नेटवर्क और डेटा सेंटर्स जैसे नए डिजिटल एसेट्स लंबे समय तक ग्रुप की प्राथमिकता रहेंगे।

डिफेंस सेक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता भारत की एक बड़ी रणनीतिक ज़रूरत है। उन्होंने बताया कि ब्राज़ील की कंपनी एंब्रायर के साथ हालिया साझेदारी जैसे कदम, मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO) क्षमताओं को मज़बूत करने की दिशा में उठाया गया कदम है। इसका मकसद घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ना है।

संगठन से जुड़ी चुनौतियों पर बात करते हुए उन्होंने माना कि तेज़ी से विस्तार की वजह से मैनेजमेंट के कई लेयर बन गए, जिससे फैसले लेने में देरी होती है। अब प्राथमिकता यह है कि ढांचे को सरल बनाकर फिर से स्पीड और स्केलेबिलिटी लाई जाए। उन्होंने बताया कि ग्रुप अपने कर्मचारियों की औसत उम्र, जो अभी 38 साल है, उसे कम करने की दिशा में काम कर रहा है ताकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को तेजी से अपनाया जा सके।

उन्होंने इस हफ्ते एआई को लेकर घोषित किए गए 100 बिलियन डॉलर (तकरीबन 9 लाख करोड़ रुपए) के निवेश प्लान की तरफ भी ध्यान दिलाया। जिसके तहत 2035 तक रिन्यूएबल एनर्जी पर आधारित एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि समूह में महिला कर्मचारियों की हिस्सेदारी 2 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी हो गई है। समूह के करीब 80 फीसदी लीडर समूह के अंदर से ही तैयार हुए हैं और पोर्ट्स, एयरपोर्ट्स, सीमेंट और माइनिंग जैसे बिज़नेस में लोगों को एक-दूसरे सेक्टर में काम करने के मौके दिए जा रहे हैं।

गवर्नेंस, रेगुलेटरी जांच और मीडिया कवरेज से जुड़े सवालों पर करण अदाणी ने कहा कि किसी भी मुश्किल दौर में मज़बूत संचालन क्षमता और साफ-सुथरा कम्युनिकेशन ही सबसे बड़ी ताकत होती है। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर बिज़नेस से लगातार होने वाली आमदनी ग्रुप की बड़ी ताकत है, हालांकि पहले कुछ जगहों पर ज्यादा निर्भरता भी रही। अब संस्थागत ढांचे को मजबूत करने और नए पार्टनर जोड़ने पर काम हो रहा है।

उन्होंने कहा, हमें अपनी बात और अपना संदर्भ दुनिया को बेहतर तरीके से समझाना होगा,” उन्होंने माना कि ग्लोबल मार्केट में सही नैरेटिव बनाना अब बहुत ज़रूरी हो गया है। सस्टेनेबिलिटी पर बात करते हुए उन्होंने इस सोच को खारिज किया कि पर्यावरण से जुड़े कदम मुनाफे के खिलाफ होते हैं। उन्होंने बताया कि इस साल पोर्ट ऑपरेशंस में डीज़ल ट्रकों को ग्रीन फ्यूल से चलने वाले विकल्पों में बदला जा रहा है।

करण अदाणी ने भारत में फॉर्मूला-1 (F1) रेसिंग को दोबारा शुरू करने में भी दिलचस्पी जताई। जयप्रकाश ग्रुप से जुड़े एसेट्स, जिनमें ग्रेटर नोएडा का बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट भी शामिल है, पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अगर F1 की वापसी होती है तो उसका मकसद ग्लोबल लेवल का बेंचमार्क सेट करना होगा।

अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि उन्होंने मुंद्रा पोर्ट पर बिना किसी खास सुविधा के ज़मीनी स्तर पर काम किया। उनका कहना था कि उस अनुभव ने उनकी सोच और काम करने के तरीके को पढ़ाई से कहीं ज़्यादा प्रभावित किया। उनकी यह बातचीत हीरो एंटरप्राइज के चेयरमैन और AIMA के पूर्व अध्यक्ष सुनील कांत मुंजाल के साथ हुई।

Exit mobile version