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काकोली घोष का दावा : ‘28 में से 22 TMC सांसद हमारे साथ’, सोमवार को लोकसभा स्पीकर से होगी मुलाकात

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नई दिल्ली/कोलकाता, 14 जून। पश्चिम बंगाल में डेढ़ दशक की सत्ता गंवाने के बाद ममता बनर्जी का साथ छोड़ने को तैयार तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके पास 28 में से 22 सांसदों का समर्थन हासिल है और वह सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह स्पीकर से अलग संसदीय गुट के तौर पर मान्यता देने की अपील करेंगी।

इससे पहले ममता बनर्जी के करीबियों ने दावा किया था कि काकोली घोष गलत नंबर का दावा कर रही हैं। लेकिन काकोली ने रविवार को साफ कर दिया है कि उनके पास पर्याप्त संख्या है। घोष ने कहा, ‘हम एक मीटिंग के लिए दिल्ली जा रहे हैं। हमारे साथ 22 सांसद हैं। स्पीकर ने हमें समय दिया है। हम सोमवार को उनसे मिलेंगे और एक अलग गुट के तौर पर मान्यता की मांग करेंगे।’

हालांकि काकोली घोष ने उन दो अतिरिक्त सांसदों के नाम नहीं बताए और सिर्फ इतना कहा कि उनके गुट में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद उनके नामों का खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘जो लोग पिछले चार-पांच वर्षों से पश्चिम बंगाल के हालात के खिलाफ ईमानदारी से अपनी राय रखते रहे हैं, वे हमारे संपर्क में हैं। अब हमारी संख्या 22 हो गई है।’

कोलकाता के बजाय दिल्ली में होगी बागी गुट की बैठक

इस बीच बागी गुट के सूत्रों ने बताया कि जो बैठक पहले कोलकाता में होनी थी, अब वह दिल्ली में होगी। सूत्र ने बताया कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के भी बैठक में शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन दीघा-शंकरपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के आधिकारिक काम की वजह से उनके राष्ट्रीय राजधानी जाने की संभावना कम है।

दरअसल, टीएमसी में लोकसभा सांसदों के बीच फूट इस हफ्ते की शुरुआत में तब साफ हो गई, जब बागी सांसदों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व से सार्वजनिक रूप से अलग रुख अपना लिया। बीते सोमवार को दस्तीदार ने दावा किया था कि उन्हें लगभग 20 TMC सांसदों का समर्थन हासिल है और यह ग्रुप केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस का समर्थन करना चाहता है।

शुक्रवार को 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज सामने आया था

तमाम अटकलों के बीच बीते शुक्रवार को 19 टीएमसी सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज सामने आया। हस्ताक्षर करने वालों में घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, शर्मिला सरकार, प्रसून बनर्जी, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित मल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपदा सोरेन, दीपक अधिकारी (देव), जून मालिया, पार्थ भौमिक, खलीकुर रहमान, अबू ताहिर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग और माला रॉय शामिल थे। दस्तावेज पर रचना बनर्जी और सायोनी घोष के अलग-अलग हस्ताक्षर भी थे।

सांसदों ने स्पीकर को पत्र लिखकर घोष दस्तीदार के नेतृत्व में एक अलग गुट के तौर पर मान्यता देने की मांग की है हालांकि, स्पीकर के सचिवालय की ओर से इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि पत्र मिला है या नहीं।

टीएमसी सांसद सायोनी घोष व माला रॉय दिल्ली पहुंचीं

इस बीच रविवार को सांसद सायोनी घोष और माला रॉय दिल्ली पहुंचीं। दिल्ली हवाई अड्डे पर सायोनी और माला, दोनों ने ही मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। घोष ने संवाददाताओं से सिर्फ इतना कहा, ‘मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों को जवाब दूंगी, आपको नहीं.’’

इस घटनाक्रम से एक दिन पहले ममता बनर्जी के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक माने जाने वाले वरिष्ठ तृणमूल नेता एवं सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद बागी खेमे का दामन थाम लिया था।

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