रांची, 7 जुलाई। झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन 14वें दिन भी जारी है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में सैकड़ों अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। कई छात्र पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
‘सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं’
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के सदस्य एवं छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि अब तक सरकार की ओर से वार्ता के लिए कोई निश्चित समय या तारीख तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि सिर्फ बातचीत का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन किसी भी सरकारी अधिकारी ने अब तक सीधे संपर्क नहीं किया है।
‘जांच हुई तो कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे’
देवेंद्र महतो का आरोप है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो कई प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। उनके अनुसार, इसी वजह से मामले में सख्ती से जांच कराने से बचने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं, जिनमें प्रमुख हैं-
- 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द की जाए।
- एफआरओ समेत विवादित भर्ती परीक्षाएं निरस्त हों।
- पेपर लीक और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- समयबद्ध तरीके से भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट रोडमैप जारी किया जाए।
छात्र नेताओं का कहना है कि अल्पकालिक मांगें पूरी होने के बाद ही भूख हड़ताल समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
राहुल गांधी के समर्थन पर क्या बोले छात्र नेता?
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा आंदोलन का समर्थन किए जाने पर देवेंद्र महतो ने कहा कि यह किसी एक दल का नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य का मुद्दा है। उन्होंने कहा कि भाजपा, कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा समेत सभी राजनीतिक दलों को छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए, क्योंकि यह संघर्ष निष्पक्ष भर्ती और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए है।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की बिगड़ रही तबीयत
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र प्रेम ने बताया कि वह पिछले पांच दिनों से अनशन पर हैं। उन्होंने कहा कि छात्र नेता देवेंद्र महतो की तबीयत भी लगातार बिगड़ रही है, लेकिन मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नौकरियां बेची जा रही हैं और भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के कारण गरीब एवं मेहनती छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है।

