तेहरान, 2 मार्च। पिछले तीन दिनों से अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों के बीच ईरान में तबाही मची हुई है। इन हमलों में अब तक कम से कम 555 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने सोमवार को यह जानकारी दी। संस्था के अनुसार युद्ध के दौरान अब तक देश के 131 शहर हमलों की चपेट में आ चुके हैं। राहत और बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही हैं।
मारे गए लोगों में सैन्य और नागरिक, दोनों शामिल
रेड क्रिसेंट सोसाइटी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि हमलों में मारे गए लोगों में सैन्य और नागरिक दोनों शामिल हो सकते हैं, हालांकि विस्तृत वर्गीकरण नहीं दिया गया है। ईरान पर अमेरिकी-इजराइली हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
तेहरान समर्थित मिलिशिया भी युद्ध में शामिल
इस बीच ईरान ने सोमवार को इजराइल और अरब देशों की ओर मिसाइलें दागीं, जिससे युद्ध का दायरा और फैल गया। मध्य पूर्व में तेहरान समर्थित मिलिशिया भी इसमें शामिल हो गईं। हिज्बुल्लाह ने इजराइल पर हमला किया, जिसके जवाब में इजराइल ने लेबनान में उस समूह के ठिकानों पर प्रहार किया, जबकि अमेरिका ने ईरान में कई लक्ष्यों पर बमबारी की।
ईरान का इनकार, लेकिन अमेरिका नए नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार
इस बीच अमेरिकी और इजराइली हवाई हमले लगातार जारी रहने के बीच ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारिजानी ने X पर कहा, ‘हम अमेरिका से बातचीत नहीं करेंगे।’ उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक दिन पहले ईरानियों से अपनी सरकार ‘अपने हाथ में लेने’ का आह्वान किया था, लेकिन रविवार को उन्होंने संकेत दिया कि वह ईरान के नए नेतृत्व से बातचीत के लिए तैयार हैं।

