Site icon hindi.revoi.in

ईरान का दावा : बहरीन में अमेरिकी एयर बेस पर ड्रोन हमला, कुवैत और जॉर्डन के ठिकानों को भी बनाया निशाना

Social Share

तेहरान, 31 जुलाई। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर मौजूद अमेरिकी सैन्य सुविधाओं और संपत्तियों को ड्रोन हमलों का निशाना बनाया। सेना के अनुसार हमले में पावर जनरेटर, नेविगेशन सिस्टम, कार्यालय और बैकअप इमारतों को लक्ष्य बनाया गया। ईरानी सेना की ओर से जारी बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हालिया हमलों के जवाब में की गई। इससे पहले इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया था कि उसने कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और जॉर्डन के अल-अजराक एयर बेस पर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

कई दिनों की शांति के बाद फिर बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच कुछ दिनों की अपेक्षाकृत शांति के बाद एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने पहले होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में ईरानी ठिकानों पर कई चरणों में सैन्य कार्रवाई की थी। अमेरिकी प्रशासन का कहना था कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की समुद्री गतिविधियों और व्यावसायिक जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की क्षमता को कमजोर करना था। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों और प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों का दावा किया।

बुल्गारिया और साइप्रस से ईरान की अपील

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुल्गारिया और साइप्रस से अपील की कि वे अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए अपने क्षेत्रों में स्थित सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल न करने दें। बुल्गारिया की विदेश मंत्री वेलिस्लावा पेट्रोवा से बातचीत में अराघची ने कहा कि बेजमर एयर बेस पर अमेरिकी टैंकर विमानों की तैनाती अंतरराष्ट्रीय कानून और द्विपक्षीय संबंधों की भावना के खिलाफ है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव 3314 का हवाला देते हुए कहा कि किसी तीसरे देश के खिलाफ हमले के लिए अपना क्षेत्र उपलब्ध कराना भी आक्रामक कार्रवाई माना जाता है।

साइप्रस ने भी जताया कूटनीतिक समाधान का समर्थन

साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस ने अराघची को भरोसा दिलाया कि साइप्रस ने ब्रिटेन से संपर्क कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि उसके क्षेत्र में स्थित ब्रिटिश सैन्य अड्डों का इस्तेमाल किसी भी देश के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए न हो। उन्होंने क्षेत्रीय तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान का समर्थन करने की बात भी दोहराई।

Exit mobile version