नई दिल्ली, 18 जुलाई। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले में शामिल आतंकवादी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित करने के अमेरिका के निर्णय का स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि टीआरएफ पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का ही आतंकवादी गुट है और यह 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले सहित कई आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहा है। उसने दो बार हमलों की जिम्मेदारी भी ली है।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत आतंकवाद के विरुद्ध लड़ाई और आतंकवादी ढाँचे को ध्वस्त करने में वैश्विक सहयोग की आवश्यकता पर लगातार ज़ोर देता रहा है। टीआरएफ को आतंकवादी संगठन घोषित करना एक समयोचित और महत्वपूर्ण कदम है जो आतंकवाद-निरोध पर भारत और अमेरिका के बीच गहन सहयोग को दर्शाता है।
वक्तव्य के अनुसार भारत आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता की नीति के प्रति प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करने के लिए अपने अंतर्राष्ट्रीय भागीदारों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा कि आतंकवादी संगठनों और उनके समर्थकों को जवाबदेह ठहराया जाए। उल्लेखनीय है कि अमेरिका के विदेश विभाग ने गुरुवार देर रात टीआरएफ को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया था।
- जानिए क्या बोले एस जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “भारत-अमेरिका आतंकवाद-रोधी सहयोग की प्रबल पुष्टि।” “लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक प्रतिनिधि, टीआरएफ को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) घोषित करने के लिए विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विदेश विभाग की सराहना करता हूँ। इसने 22 अप्रैल के पहलगाम हमले की ज़िम्मेदारी ली थी। “आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता।
ऑपसिंदूर।”
भारत की प्रतिक्रिया तब आई जब अमेरिका ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकवादी समूह की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को विदेशी आतंकवादी संगठन (एफटीओ) और विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी (एसडीजीटी) के रूप में नामित किया।

