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इबोला वायरस को लेकर भारत सतर्क, एयरपोर्ट और सीमाओं पर निगरानी जारी

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नई दिल्ली, 27 मई। अफ्रीका के कुछ हिस्सों में सामने आए इबोला वायरस रोग (EVD) के मामलों को देखते हुए भारत सरकार सतर्क है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। इस क्रम में देशभर में हवाई अड्डों व अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर निगरानी जारी है।

युगांडा से लौटे व्यक्ति की जांच रिपोर्ट नकारात्मक

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि एहतियात के तौर पर हाल ही में युगांडा से यात्रा कर लौटे एक व्यक्ति को बेंगलुरु के सरकारी महामारी रोग अस्पताल में निगरानी और आइसोलेशन में रखा गया था क्योंकि उसमें शरीर दर्द के हल्के लक्षण पाए गए थे। अधिकारियों के अनुसार व्यक्ति में शरीर दर्द के अलावा कोई गंभीर लक्षण नहीं थे। उसके नमूने को जांच के लिए National Institute of Virology भेजा गया था और अब उसकी रिपोर्ट इबोला के लिए नकारात्मक आई है।

भारत में अब तक इबोला वायरस का कोई पुष्ट मामला नहीं

मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि देश में अब तक इबोला वायरस रोग का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है। मंत्रालय ने कहा कि संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर निगरानी बढ़ाई गई है और World Health Organization के दिशानिर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक स्वास्थ्य प्रोटोकॉल लागू किए जा रहे हैं।

सरकार ने बताया कि हवाई अड्डों, सीमा स्वास्थ्य केंद्रों और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में स्क्रीनिंग और निगरानी प्रक्रिया जारी है। नागरिकों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करने की अपील की गई है।

कांगो में अब तक 101 पुष्ट मामले और 10 मौतें दर्ज – WHO

इस बीच WHO के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा कि कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य में इबोला का प्रकोप मौजूदा पुष्टि आंकड़ों से अधिक बड़ा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कांगो में अब तक 101 पुष्ट मामले और 10 मौतें दर्ज की गई हैं जबकि 900 से अधिक संदिग्ध मामले और 220 संदिग्ध मौतों की जांच जारी है।

रूस का नए स्ट्रेन ‘बुंडीबुग्यो’ के खिलाफ वैक्सीन विकसित करने का दावा

उधर रूस ने घोषणा की है कि उसके वैज्ञानिकों ने इबोला वायरस के एक नए स्ट्रेन के लिए एक नया टीका विकसित किया है। यह वही स्ट्रेन है, जो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में फैला हुआ है।

दक्षिण अफ्रीका में रूसी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर लिखा, ‘रूसी वैज्ञानिकों ने इबोला के एक नए स्ट्रेन के खिलाफ एक वैक्सीन विकसित की है। इसकी जानकारी रूस के स्वास्थ्य मंत्री मिखाइल मुराश्को ने दी। रूसी वैज्ञानिकों के अनुसार, यह वैक्सीन दुर्लभ बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के खिलाफ भी सुरक्षा दे सकती है, जो डीआरसी में फैला है।’

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