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खामेनेई की मौत के 6 दिनों बाद भारत ने जताई संवेदना, विक्रम मिस्री ने ईरानी दूतावास में शोक रजिस्टर पर किए हस्ताक्षर

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नई दिल्ली, 5 मार्च। इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के छह दिनों बाद भारत सरकार ने पहली बार संवेदना व्यक्त की है और आधिकारिक तौर पर खामेनेई की हत्या की निंदा की है। इस क्रम में सरकार की तरफ विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए।

भारत सरकार के इस कदम को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि अब तक मोदी सरकार ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी थी। सवाल उठ रहा था कि भारत ने बिना उकसावे वाले इस हमले की अब तक निंदा क्यों नहीं की? कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टियां खुलकर भारत सरकार से सवाल कर रही थीं कि ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या की निंदा खुलेमंच पर क्यों नहीं की गई। इतना ही नहीं कांग्रेस की दिग्गज नेता सोनिया गांधी ने तो लेख लिखकर भारत सरकार की विदेश नीति की आलोचना भी की थी।

खाड़ी देशों पर अंधाधुंध बरसाईं मिसाइलें

उल्लेखनीय है कि इजराइल और अमेरिका ने अचानक ही ईरान पर अटैक कर दिया। मिसाइलों के आक्रमण से ईरान की राजधानी तेहरान शहर थर्रा गया। इजराइल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के घर को भी निशाना बनाया, जिसमें खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों की मौत हो गई। इस हमले के बाद से ईरान बौखला गया है और उसने खाड़ी देशों पर अंधाधुंध मिसाइल बरसानी शुरू कर दी हैं।

ईरान ने बंद किया सबसे बड़ा व्यापार मार्ग

हमले से बौखलाए ईरान ने पहले तो खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिका के सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया, लेकिन बाद में काररवाई को आगे बढ़ाते हुए आम लोगों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों पर भी हमले शुरू कर दिए। सऊदी अरब, बहरीन, यूएई, कतर, कुवैत सहित कई देशों को ईरान की तरफ से निशाना बनाया गया। ईरान ने इस समय तेल सप्लाई रूट के सबसे बड़े मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भी बंद कर रखा है।

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