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भारत और पाकिस्तान ने अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया

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नई दिल्ली, 1 जनवरी। तीन दशक से अधिक समय से जारी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए दो चिर प्रतिद्वंद्वियों – भारत और पाकिस्तान ने एक द्विपक्षीय समझौते के तहत अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का गुरुवार को आदान-प्रदान किया। सूची का आदान-प्रदान ऐसे समय किया गया है, जब पिछले वर्ष मई में चार दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं।

राजनयिक माध्यम से एक-दूसरे को सौंपी सूची

विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि सूची का आदान-प्रदान परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले को रोकने वाले एक समझौते के प्रावधानों के तहत हुआ। नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच राजनयिक माध्यम से सूची का आदान-प्रदान एक साथ किया गया। मंत्रालय ने कहा, ‘भारत और पाकिस्तान ने आज राजनयिक माध्यम से नयी दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ परमाणु प्रतिष्ठानों की सूची का आदान-प्रदान किया।’ समझौते पर 31 दिसम्बर, 1988 को हस्ताक्षर किए गए थे और 27 जनवरी, 1991 को यह लागू हुआ था।

दोनों देशों के बीच ऐसी सूचियों का लगातार 35वां आदान-प्रदान

समझौते के तहत दोनों देशों के बीच, हर वर्ष की पहली जनवरी को अपने-अपने परमाणु प्रतिष्ठानों के बारे में एक-दूसरे को सूचित करने का प्रावधान है। विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘यह दोनों देशों के बीच ऐसी सूचियों का लगातार 35वां आदान-प्रदान है। इस सूची का पहला आदान-प्रदान एक जनवरी, 1992 को हुआ था।’

भारत-पाकिस्तान ने एक-दूसरे की जेलों में बंद कैदियों व मछुआरों की सूची का किया आदान-प्रदान

भारत ने पाक से भारतीय कैदियों की स्वदेश वापसी में तेजी लाने का किया आह्वान

इसी क्रम में भारत ने पाकिस्तान से 167 भारतीय मछुआरों और नागरिक कैदियों को उनकी जेल की सजा पूरी हो जाने के मद्देनजर उनकी रिहाई एवं स्वदेश वापसी में तेजी लाने की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान को हिरासत में लिए गए उन 35 नागरिक कैदियों और मछुआरों को तत्काल राजनयिक पहुंच प्रदान करने के लिए कहा है, जिनके भारतीय होने का विश्वास है।

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