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अमरनाथ यात्रा : सुरक्षा के मद्देनजर लगातार दूसरे वर्ष हेलीकॉप्टर सेवा रद

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जम्‍मू, 2 जून। अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को एक बार फिर हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ नहीं मिल सकेगा। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए प्रशासन ने लगातार दूसरे वर्ष यात्रा मार्गों पर हेलीकॉप्टर संचालन की अनुमति नहीं देने का निर्णय लिया है। इस फैसले ने जहां सुरक्षा एजेंसियों को राहत दी है वहीं बुजुर्ग, दिव्यांग और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे श्रद्धालुओं में निराशा भी देखी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि अमरनाथ यात्रा देश की सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दक्षिण कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। पारंपरिक रूप से श्रद्धालु दो प्रमुख मार्गों – पहलगाम और बालटाल से यात्रा करते हैं। पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु समय और शारीरिक श्रम की बचत के लिए हेलीकॉप्टर सेवा का उपयोग करते रहे हैं। विशेष रूप से बुजुर्गों और अस्वस्थ यात्रियों के लिए यह सेवा काफी सुविधाजनक मानी जाती थी।

हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा के दौरान हवाई गतिविधियों पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यात्रा के दौरान हेलीकॉप्टरों की नियमित आवाजाही से सुरक्षा संचालन प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में हवाई निगरानी और सुरक्षा बलों की गतिविधियों को प्राथमिकता देने के लिए भी हेलीकॉप्टर सेवा को सीमित या बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है। यात्रा मार्गों, बेस कैंपों और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। ड्रोन निगरानी, सीसीटीवी नेटवर्क, आधुनिक संचार प्रणाली और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय किया गया है। सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए व्यापक तैयारी कर रही हैं।

हेलीकॉप्टर सेवा बंद होने का सबसे अधिक असर उन श्रद्धालुओं पर पड़ेगा, जो कम समय में यात्रा पूरी करना चाहते थे। बालटाल और पहलगाम मार्गों पर पैदल यात्रा कई किलोमीटर लंबी और चुनौतीपूर्ण होती है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए घोड़े, पालकी और अन्य वैकल्पिक व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी। चिकित्सा सुविधाओं को भी पहले से अधिक मजबूत बनाया जा रहा है ताकि आपात स्थिति में यात्रियों को तत्काल सहायता मिल सके।

पर्यटन और स्थानीय कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि हेलीकॉप्टर सेवा बंद होने से कुछ आर्थिक प्रभाव भी पड़ सकता है। हेलीकॉप्टर संचालन से जुड़े कर्मचारियों और सेवा प्रदाताओं को नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला आवश्यक है और यात्रा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए सभी को सहयोग करना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि अमरनाथ यात्रा जैसी विशाल धार्मिक यात्रा में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि सुरक्षा एजेंसियां किसी जोखिम की आशंका के आधार पर हेलीकॉप्टर सेवा को स्थगित करने का निर्णय लेती हैं, तो उसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। ऐसे में यात्रियों को यात्रा की योजना बनाते समय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

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