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भड़काऊ भाषण मामला : मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोपों को किया खारिज, कोर्ट में जवाब दाखिल

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नई दिल्ली 2 अप्रैल। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राऊज एवेन्यू स्थित विशेष एमपी-एमएलए अदालत में अपने खिलाफ दायर एक पुनर्विचार याचिका पर जवाब दाखिल किया है। उन्होंने न सिर्फ आरोपों से इनकार किया, बल्कि पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई कर रही अदालत के अधिकार क्षेत्र पर भी सवाल उठाया। यह मामला अप्रैल 2023 में कर्नाटक में हुई एक रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के बारे में कथित तौर पर दिए गए भड़काऊ भाषण से संबंधित है।

गुरुवार को इस मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई। खरगे के वकील ने तर्क दिया कि विशेष न्यायालय के पास पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण के लिए अधिकार क्षेत्र तीस हजारी न्यायालय के प्रधान व सत्र न्यायाधीश का है, न कि इस न्यायालय का। कांग्रेस प्रमुख पर समुदायों के बीच द्वेष फैलाने के जो आरोप लगाए गए हैं, इस संबंध में दाखिल जवाब में उन आरोपों से इनकार किया गया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए मामले) जितेंद्र सिंह ने जवाब को रिकॉर्ड पर लिया और पुनर्विचार याचिका पर बहस के लिए मामले को सूचीबद्ध किया। सुनवाई की अगली तारीख 15 अप्रैल है। यह पुनर्विचार याचिका वकील रविंदर गुप्ता ने वकील गगन गांधी के माध्यम से दायर की थी।

शिकायतकर्ता और आरएसएस सदस्य रविंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया था कि खरगे ने कर्नाटक में एक चुनावी रैली के दौरान आरएसएस और भाजपा के खिलाफ भड़काऊ और नफरत फैलाने वाला भाषण दिया था। 11 नवंबर 2025 को तीस हजारी कोर्ट ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत खारिज कर दी थी। कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था और शिकायत को खारिज कर दिया था। इससे पहले, दिसंबर 2024 में कोर्ट ने मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था।

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