नई दिल्ली, 7 फरवरी। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को दोनों देशों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में दोनों महान देशों की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आज एक पोस्ट में लिखा, ‘भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में हमारे दोनों महान देशों की एक शानदार भविष्य के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है।’
The interim trade agreement between India and USA is anchored in the shared commitment of our two great nations towards a glorious future under the leadership of PM Sh @narendramodi Ji and @POTUS @realDonaldTrump.
It will further strengthen the @makeinindia initiative and open… https://t.co/o2id6pVYW8
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) February 7, 2026
उन्होंने आगे कहा, “यह ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और मजबूत करेगा और हमारे किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप इनोवेटर्स, मछुआरों और अन्य लोगों के लिए बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करके, खासकर हमारे युवाओं के लिए, बड़े अवसर खोलेगा। जैसे-जैसे हम विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा जारी रखेंगे, यह फ्रेमवर्क इनोवेशन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और भारत और अमेरिका के बीच निवेश और टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को और गहरा करेगा।”
उल्लेखनीय है कि यह फ्रेमवर्क कई तरह के भारतीय सामानों पर टैरिफ हटाने का रास्ता भी खोलता है। यह कदम अंतरिम समझौते के सफल नतीजे पर निर्भर करता है। इस लिस्ट में जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे और एयरक्राफ्ट पार्ट्स शामिल हैं। ये ऐसे सेक्टर हैं जहां भारत की ग्लोबल हिस्सेदारी मजबूत है और अमेरिका में इनकी डिमांड ज्यादा है।
वॉशिंगटन कुछ भारतीय एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर भी टैरिफ हटाएगा। ये ड्यूटी पहले एल्यूमीनियम, स्टील और तांबे के इंपोर्ट से जुड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा घोषणाओं के तहत लगाई गई थीं। भारत को ऑटोमोटिव पार्ट्स के लिए तरजीही टैरिफ रेट कोटा मिलेगा। ये पार्ट्स ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स पर अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा टैरिफ के तहत आते हैं।

