Site icon hindi.revoi.in

राहुल गांधी के एपस्टीन वाले आरोप पर हरदीप पुरी का पलटवार, जवाब सुने बिना ही सदन से चले गए नेता प्रतिपक्ष

Social Share

नई दिल्ली, 11 फरवरी। केंद्रीय पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने संसद में उनका नाम लेकर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं और यह उनकी पुरानी आदत रही है।

राहुल गांधी ने संसद में हरदीप पुरी के कथित तौर पर जेफ्री एपस्टीन से संबंधों का मुद्दा उठाया था। पुरी ने इन आरोपों को ‘बेबुनियाद’ बताया और कहा कि राहुल गांधी बिना जवाब सुने ही सदन से बाहर चले गए। उन्होंने कहा, ‘आज एक युवा नेता ने संसद में कुछ बातें रखीं। उन्हें बिना आधार के आरोप लगाने की आदत है।’

भाजपा मुख्यालय में आहूत प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरदीप पुरी ने बिना नाम लिए दो तरह के नेताओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘एक वे नेता होते हैं, जो जिम्मेदारी लेते हैं, देश की सेवा करते हैं और देश को आगे बढ़ाते हैं। और दूसरे वे, जो कभी-कभी देश आते हैं और संसद में जवाब मिलने से पहले ही बाहर चले जाते हैं।’ पुरी ने कहा कि राहुल गांधी अपने भाषण के बाद सदन छोड़कर चले गए और जवाब नहीं सुना।

राहुल गांधी के इस सवाल पर कि उन्हें जेफ्री एपस्टीन से किसने मिलवाया, पुरी ने कहा कि उनके पेशेवर कामकाज की जानकारी सार्वजनिक है। उन्होंने बताया कि रिटायरमेंट के बाद वे इंटरनेशनल पीस इंस्टीट्यूट (IPI) से जुड़े थे, जहां वे सेक्रेटरी जनरल रहे। उस समय एक पूर्व ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री उस संस्था के प्रमुख थे।

पुरी ने कहा कि उस दौरान उनकी कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से पेशेवर मुलाकातें हुईं, जिनमें LinkedIn के फाउंडर रीड हॉफमैन भी शामिल हैं। उन्होंने साफ किया कि 13 नवम्बर, 2014 को उन्होंने हॉफमैन को एक ईमेल लिखा था, जिसमें एपस्टीन को कॉपी (CC) किया गया था। उस समय वे एक निजी नागरिक थे।

राहुल गांधी से संसद में मुलाकात का जिक्र

केंद्रीय मंत्री ने यह भी बताया कि 26 नवम्बर, 2025 को संविधान दिवस के कार्यक्रम के दौरान संसद के सेंट्रल हॉल में राहुल गांधी उनके पास आए थे और आंख मारते हुए बोले कि आपका नाम दिलचस्प जगह पर आया है। पुरी ने कहा, ‘मैंने उनसे पूछा कि क्या आप सच्चाई जानना चाहेंगे? और फिर मैंने उन्हें इस बारे में जानकारी भी भेजी।’ पुरी ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को पूरे मामले को समझाने के लिए नोट्स भेजे थे, फिर भी संसद में उनका नाम एपस्टीन फाइल के संदर्भ में लिया गया।

गौरतलब है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे को लेकर संसद में तीखी बहस जारी है। हालांकि सरकार ने कांग्रेस आरोपों को निराधार बताया है।

Exit mobile version