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मानसून सत्र : सरकार ने लोकसभा में पेश किया पेपर लीक के खिलाफ बिल, विपक्ष का हंगामा जारी  

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नई दिल्ली, 27 जुलाई। संसद के मानसून सत्र का पहला हफ्ता विपक्ष के जबर्दस्त हंगामे की भेंट चढ़ चुका है और दूसरे हफ्ते के पहले दिन सोमवार को भी दोनों सदनों में कुछ ऐसा ही नजारा दिखा। फिलहाल हंगामे के बीच ही सरकार ने लोकसभा में पेपर लीक के खिलाफ बिल पेश कर दिया। हालांकि, अभी इसपर चर्चा और मतदान बाकी है।

दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित

लेकिन विपक्ष की ओर से जोरदार नारेबाजी व हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई। इससे पहले विपक्ष की मांग की थी जब तक शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं हो जाता, तब तक किसी मुद्दे पर बात नहीं करेंगे।

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को दिया था शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा

गौरतलब है कि पेपर लीक मामले पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने बीते शनिवार को जहां अपने पद से इस्तीफा दिया वहीं सरकार की ओर से सभी मांगें मान लेने के बाद CJP ने पिछले एक माह से जंतर मंतर पर जारी धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। परीक्षा प्रक्रिया में सुधारों के ही क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार की शाम एक हाई पावर कमेटी के गठन की भी घोषणा कर दी।

जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया

प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। वहीं विपक्षी सदस्य दिल्ली में गत 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की काररवाई पर जवाबदेही तय करने और गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग करते हुए हंगाामा कर रहे थे।

बिल में ये है प्रावधान

लोकसभा सदस्यों को वितरित विधेयक की प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने या अनुचित साधनों का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 वर्षों तक के कारावास तथा 50 लाख रुपये तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।

2 महीने में पूरी करनी होगी जांच

प्रस्तावित संशोधनों के तहत सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी। विधेयक में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश देने का भी प्रस्ताव है। ये अदालतें आरोपपत्र दाखिल किए जाने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी।

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