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केंद्र सरकार ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ाई, एक जुलाई से लागू होगा नया नियम

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नई दिल्ली, 25 जून। भारत सरकार ने पासपोर्ट बनवाने की फीस बढ़ा दी है। पासपोर्ट नियम, 1980 में बदलाव करते हुए यह नई फीस तय की गई है और विदेश मंत्रालय ने (MEA) इस बाबत आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। यह नई फीस एक जुलाई, 2026 से लागू हो जाएगी।

आवेदकों को अब सामान्य पासपोर्ट के लिए देने होंगे 2,500 रुपये

केंद्र सरकार के नए नोटिफिकेशन के अनुसार अब आवेदकों को 1,000 रुपये अतिरिक्त राशि देनी होगी। यानी 36 पेज के सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 से बढ़कर 2,500 रुपये हो गई है। वहीं तत्काल सेवा की फीस, जो पहले 3,500 थी, अब 5,000 रुपये कर दी गई है।

भिन्न कैटेगरी के हिसाब से पासपोर्ट की फीस तय

सरकार ने यह बदलाव पासपोर्ट एक्ट, 1967 की धारा 24 के तहत किया है। इस नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग कैटेगरी के पासपोर्ट के लिए आवेदन की फीस निर्धारित की गई है। साथ ही नए नियमों में स्पष्ट किया गया है कि 15 से 18 वर्ष के नाबालिग यदि वयस्क श्रेणी में आवेदन करते हैं तो उनको भी यही फीस चुकानी होगी, जो वयस्कों पर लागू है।

सरकार का इस बाबत कहना है कि इस संशोधन से पासपोर्ट की सेवाओं को बेहतर बनाने और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने में मदद सहायता मिलेगी। हालांकि, फीस बढ़ने की वजह से आम लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले से अधिक रुपये खर्च करना पड़ेगा। यदि, कोई व्यक्ति पासपोर्ट के लिए आवेदन करने की योजना बना रहा या कर रहा है तो उसको 1 जुलाई, 2026 के बाद नई दर के अनुसार भुगतान करना होगा।

पासपोर्ट बनवाने की नई फीस

तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपये देने होंगे

इसके अलावा जो लोग अधिक यात्रा करते हैं और वे 60 पन्नों का पासपोर्ट बुकलेट चाहते हैं, उन्हें सामान्य कैटेगरी में 3,500 रुपये और तत्काल प्रोसेसिंग के लिए 6,000 रुपये का भुगतान करना होगा।

वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के लिए 10 फीसदी छूट

हालांकि सरकार ने आठ वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नए आवेदनों पर 10 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया है। लेकिन यह रियायत पासपोर्ट के री-इश्यू पर लागू नहीं होगी। इस बाबत Passport Seva Kendra Official Website पर जाकर विस्तृत जानकारी ली जा सकती है।

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