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‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ से लेकर 9 व्यापार समझौते तक : राज्यसभा में पीएम मोदी के भाषण की अहम बातें

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नई दिल्ली, 5 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का राज्यसभा में मंगलवार को जवाब दिया। उन्होंने विपक्ष के हंगामे के बीच भारत की अर्थव्यवस्था, वैश्विक छवि और सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उनके एक घंटा 37 मिनट के भाषण के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव उच्च सदन में भी ध्वनिमत से पारित हो गया।

पीएम मोदी ने इस दौरान कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि 2014 में देश की स्थिति सुधारने में कड़ी मेहनत लगी। उन्होंने नौ अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों और भारत के ‘विश्वमित्र’ बनने का जिक्र किया, जिसमें यूरोपीय संघ के साथ ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भी शामिल है। पीएम मोदी के भाषण की अहम बातें इस प्रकार हैं –

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत कई देशों के साथ भविष्य के लिए तैयार ट्रेड एग्रीमेंट कर रहा है। उन्होंने कहा कि हाल ही में दुनिया की कुछ सबसे एडवांस्ड इकोनॉमी के साथ बड़े समझौते किए हैं। उन्होंने 27 देशों वाले यूरोपियन यूनियन के साथ ट्रेड एग्रीमेंट को एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज आलोचना करने वालों को आखिरकार यह बताना होगा कि अतीत में भारत ऐसी स्थिति में कैसे पहुंच गया था, जब बार-बार कोशिशों के बावजूद कोई भी देश उसके साथ ट्रेड डील करने को तैयार नहीं था।

पीएम मोदी ने राज्यसभा में विपक्ष की नारेबाजी और वॉकआउट के बीच अपना बहुप्रतीक्षित भाषण दिया। उन्होंने अपना भाषण विपक्षी सांसदों की ‘नेता प्रतिपक्ष को बोलने दो’ और ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ की जोरदार नारेबाजी के बीच शुरू किया। इसी दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अपनी उम्र को देखते हुए ‘बैठकर’ नारे लगाने चाहिए। भाषण शुरू होने के कुछ ही देर बाद विपक्ष ने वॉकआउट कर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के समय भारत दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन पिछली सरकारों की नीतियों के कारण 2014 तक यह 11वें स्थान पर खिसक गया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 21वीं सदी का दूसरा क्वार्टर भारत के एक विकसित देश बनने की यात्रा में बहुत अहम होगा। आने वाले वर्ष ग्रोथ को तेज करने और देश के ओवरऑल डेवलपमेंट को मजबूत करने का एक बड़ा मौका देते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत, जिसे कभी ‘कमजोर पांच’ अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था, अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारत ग्लोबल साउथ की एक प्रमुख आवाज बनकर उभरा है। साथ ही भविष्य के लिए तैयार ट्रेड एग्रीमेंट पर भी सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

उन्होंने कहा, ‘मैं एक बात बताना चाहता हूं- जब मेरा जन्म नहीं हुआ था, उसके पहले सरदार वल्लभभाई पटेल ने नर्मदा नदी पर बांध बांधने की कल्पना की थी। विषय तो पक्का हो गया, सरदार साहब नहीं रहे। नेहरू ने शिलान्यास किया, लेकिन उसका उद्घाटन मैंने किया, जब मैं प्रधानमंत्री बना। ये इनका (कांग्रेस) हाल है।

पीएम मोदी ने कहा, ‘सबसे जरूरी बात यह है कि दुनिया के सबसे अमीर देश भी बूढ़े हो रहे हैं। उनकी आबादी जीवन के उस पड़ाव पर पहुंच गई है, जिसे हम बुढ़ापा कहते हैं। हमारा देश ऐसा है, जो विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और साथ ही, दिन-ब-दिन हमारा देश और जवान हो रहा है। यह युवा आबादी वाला देश है।’

नरेंद्र मोदी ने कहा कि वोट-बैंक की राजनीति करने वाले लोग गवर्नेंस के जरूरी पहलुओं को कभी मज़बूत नहीं करते। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उसमें साफ विजन की कमी है, और इसी वजह से देश को सालों तक भुगतना पड़ा। उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति में डूबे हुए लोगों ने कभी भी देश के ऐसे अनेक पहलुओं को मजबूती देना प्राथमिकता नहीं समझा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें विपक्ष की नाकामियों की वजह से असम के बारे में बोलना पड़ रहा है न कि चुनावों की वजह से। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने लागू करने के बजाय कल्पना पर अधिक ध्यान दिया। बोगीबील ब्रिज प्रोजेक्ट का ज़क्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सालों तक रुका रहा, लेकिन उनकी सरकार में इसकी समीक्षा की गई और इसे पूरा किया गया, जिससे यह न सिर्फ असम बल्कि पूरे नॉर्थ-ईस्ट के लिए एक बड़ी सुविधा बन गया।

पीएम मोदी ने एनडीए सरकार की तरफ से किए गए बैकिंग सुधारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, ‘हमने एनपीए के पहाड़ खत्म किए। एनपीए को निम्न स्तर पर लाकर खड़ा कर दिया है। आज एनपीए एक पर्सेंट से भी नीचे है। ये अपने आप में बैंकों की हेल्थ के लिए उत्तम काम हुआ है। बैंकों का प्रॉफिट हाई रेकॉर्ड पर है, ये अपने आप में देश की इकॉनमी को ताकत देने के लिए है।

प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने पहले पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स (PSUs) के बारे में लोगों को गुमराह किया था, और उनके बयान की तुलना ‘शहरी नक्सलियों से की। उन्होंने कहा कि PSU, जिन्हें कभी घाटे में चलने वाली संस्थाओं के तौर पर दिखाया जाता था, आज रिकॉर्ड मुनाफा कमा रहे हैं, जो मौजूदा पॉलिसी फ्रेमवर्क के तहत एक बड़े बदलाव को दिखाता है।

पीएम मोदी ने कहा कि देश के लोगों के बारे में नेहरू व इंदिरा की सोच क्या थी, इसका अंदाजा एक उदाहरण से समझा जा सकता है। पूर्व पीएम इंदिरा गांधी जब ईरान गईं तो उन्होंने अपने भाषण में नेहरू के साथ हुई बातचीत का उल्लेख किया। इंदिरा गांधी ने कहा कि जब किसी ने मेरे पिताजी (नेहरू) से पूछा कि उनके सामने कितनी समस्याएं हैं तो उन्होंने उतर दिया था कि 35 करोड़। उस समय देश की जनसंख्या 35 करोड़ थी।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘35 करोड़ देशवासी नेहरू जी को समस्या लगते थे, ऐसा कोई मुखिया हो सकता है जी। इस बात का उदाह्रण देते हुए इंदिरा ने कहा कि आज देश की जनसंख्या 57 करोड़ है, इसलिए मेरी समस्याओं की संख्या भी उतनी ही बड़ी है। ये उनकी सोच और हमारी सोच में फर्क है। ये उनकी अप्रोच व हमारी अप्रोच में फर्क है। नेहरू हो, इंदिरा हो या कांग्रेस की पूरी बिरादरी हो, ये भारत के लोगों को समस्या मानते हैं।’

प्रधानमंत्री ने टीएमसी के लिए कहा, ‘हमारे टीएमसी के साथियों ने काफी कुछ कहा, जरा खुद तो अपनी गिरेबां में देखें। निर्मम सरकार पतन के जितने भी पैरामीटर्स हैं, उसमें नए-नए रिकॉर्ड बनाती जा रही है, और उनके नेता यहां उपदेश दे रहे हैं। ऐसी निर्मम सरकार के कारण वहां (पश्चिम बंगाल) के लोगों का भविष्य अंधकार में डूब रहा है, लेकिन उनको कोई मतलब नहीं है।’

पीएम मोदी ने कहा, ‘दुनिया का समृद्ध से समृद्ध देश भी अपने यहां से गैर कानूनी नागरिकों को बाहर निकाल रहा है, पर हमारे देश में घुसपैठियों को बचाने के लिए अदालतों पर प्रेशर डाला जा रहा है। देश का नौजवान कैसे ऐसे लोगों को माफ करेगा, जो उनका हक छीन रहे हैं?’

लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष के हंगामे को पीएम मोदी ने राष्ट्रपति के अपमान से जोड़ा। उन्होंने विपक्ष के घेरे में लेते हुए कहा, ‘गरीबी से निकली एक महिला, आदिवासी परिवार से आई एक महिला..आपने लोकसभा में जो व्यवहार किया, आपने आदिवासी समाज का अपमान किया है। विपक्ष ने भारत के सर्वोच्च पद पर विराजमान, संविधान ने जिनको सर्वोच्च पद दिया है, आपने उनका अपमान किया है। आपने संविधान का अपमान किया है।

प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी की केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर की गई “गद्दार” वाली टिप्पणी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी सिखों से नफरत करती है और उसने इस समुदाय का अपमान किया है।

पीएम मोदी ने विपक्ष पर लोकतंत्र का दावा करते हुए नफरत फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारों और ‘मोहब्बत की दुकान’ वाले साइनबोर्ड का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने सवाल किया कि क्या इस तरह की दुश्मनी सार्वजनिक जीवन में सही है। उन्होंने कहा कि मोहब्बत की दुकान वाले मोदी की कब्र खोदने का सपना देखते हैं, किसी नागरिक के लिए ऐसी बात करना संविधान का अपमान नहीं है?

उन्होंने कहा, “मोदी की कब्र खोदते हैं क्योंकि मैंने 370 की दीवार गिराई, 25 साल से कांग्रेस मुझे गाली दे रही है। पिछली सरकारें ‘रिमोट कंट्रोल’ से चलती थीं। मेरी सरकार के पास भी एक रिमोट है – ‘देश के 140 करोड़ लोग। हमने आज देशभर में जवाबदेही, जनता के जनादेश और शासन के फैसलों और नागरिकों की आकांक्षाओं के बीच सीधे संबंध पर जोर दिया।

पीएम मोदी ने राज्यसभा में विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए ये बात कही। उन्होंने कहा कि जब किसी ने उनसे उनकी अच्छी सेहत का राज पूछा, तो उन्होंने जवाब दिया कि वह ‘रोज दो किलो गालियां खाते हैं’। इस पर सदन में मौजूद सदस्यों ने अलग-अलग तरह से प्रतिक्रिया दी।

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