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यूपी : कानपुर में फर्जी मार्कशीट बनाने वाले चार शातिर गिरफ्तार, कूरियर से दूसरे शहरों में भेजते थे फर्जी सर्टिफिकेट

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कानपुर, 9 जून। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में पुलिस ने मंगलवार को फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले बड़े गिरोह से जुड़े चार आरोपितों को गिरफ्तार किया। गिरप्तार शातिर फर्जी मार्कशीट व सर्टिफिकेट तैयार कर कूरियर के माध्यम से दूसरे शहरों में भेजते थे।

यूके व कनाडा समेत कई अन्य देशों तक जुड़े है शातिरों के तार

डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव की टीम ने हीरामन का पुरवा निवासी जियाउल हसन उर्फ समीर उर्फ आतिफ, नूरुद्दीन, हसन आसिफ और आमिर अहमद को गिरफ्तार किया है। इनके तार यूके व कनाडा समेत कई अन्य देशों तक जुड़े हैं। इससे पहले 10 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। ये गैंग 2017 से काम कर रहा था।

एक सर्टिफिकेट की छपाई के लिए 10 हजार रुपये मिलते थे

पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल ने बताया कि आरोपित क्वालिटी प्रिंटर व डाई और मोहरों की मदद से मार्कशीट बनाते थे, जो बिल्कुल ओरिजनल लगती थी। जब उनके खातों की जांच की गई, तो आरोपित समीर के खाते में 49 लाख रुपये और उसके भाई हसन के खाते में 40 लाख रुपये मिले। पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्हें एक सर्टिफिकेट की छपाई के लिए 10 हजार रुपये मिलते थे।

एक करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन मिले

आरोपित आमिर के खाते से एक करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन मिले हैं। पुलिस की पड़ताल में इनके तार पूर्व में जेल जा चुके आरोपी शैलेंद्र व राघव सर्राफ से जुड़े थे। पुलिस कमिश्नर ने कहा, ‘हमारी टीमें लंबे समय से इस मामले में काम कर रही थीं। हमारा उन आरोपियों तक पहुंचना था, जो फर्जी मार्कशीट्स छापते हैं। उन्हें एक सर्टिफिकेट की छपाई के लिए 10 हजार रुपये मिलता था।’

850 प्रिंटेड पेपर मिले

रघुवीर लाल ने बताया कि आरोपित समीर के पास से पुलिस टीम को 850 प्रिंटेड पेपर मिले हैं। अब कमिश्नरेट पुलिस की ओर से आरोपित समीर के नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। अब तक की जानकारी में सामने आया है कि वह मैनचेस्टर व सऊदी अरब जा चुका है। आरोपित समीर, शैलेंद्र व राघव से अब एक साथ पूछताछ की जाएगी।

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