पुणे, 6 जनवरी। पूर्व केंद्रीय मंत्री, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। दिवंगत नेता का अंतिम संस्कार पुणे स्थित वैकुंठ श्मशानभूमि में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
राजनीति में आने से पहले वायु सेना में पायलट के रूप में देश सेवा की
सुरेश कलमाडी को केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि पुणे की राजनीति के ‘किंगमेकर’ के तौर पर भी जाना जाता था। उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से पहले उन्होंने भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में देश सेवा की। इसके बाद राजनीति में कदम रखते हुए वे कई बार पुणे से लोकसभा सांसद चुने गए और केंद्र सरकार में मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं। पुणे के बुनियादी ढांचे, शहरी विकास और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में उनका योगदान आज भी शहर में देखा जा सकता है।
IOA अध्यक्ष के तौर पर लंबे समय तक भारतीय खेल प्रशासन का नेतृत्व किया
खेलों के क्षेत्र में भी सुरेश कलमाड़ी ने भारतीय ओलम्पिक संघ के अध्यक्ष के तौर पर लंबे समय तक भारतीय खेल प्रशासन का नेतृत्व किया। वर्ष 2010 में आयोजित दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स उनके करिअर का एक अहम अध्याय रहे। हालांकि इन खेलों से जुड़े विवादों ने उनके राजनीतिक जीवन को प्रभावित किया, लेकिन भारत में खेलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने और बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में उठाए गए कदमों का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।
इसके अलावा, ‘पुणे फेस्टिवल’ और ‘पुणे इंटरनेशनल मैराथन’ जैसे प्रतिष्ठित आयोजनों के जरिए उन्होंने पुणे को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इन आयोजनों ने पुणे को सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया।
उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस पार्टी समेत विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, खेल जगत की हस्तियों और सामाजिक संगठनों ने गहरा शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। सुरेश कलमाड़ी के निधन से न सिर्फ कांग्रेस पार्टी, बल्कि पुणे की राजनीति और खेल जगत को भी अपूरणीय क्षति पहुंची है।

