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रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन, 87 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

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मुंबई, 28 मार्च। देश के प्रमुख कारोबारी घरानों में से एक रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का शनिवार शाम मुंबई में निधन हो गया। वह 87 साल के थे। सिंघानिया के बेटे और रेमंड ग्रुप के वर्तमान चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने भी सोशल मीडिया X पर यह खबर साझा की और एक संक्षिप्त श्रद्धांजलि देते हुए लिखा – RIP, ओम शांति।

रविवार को चंदनवाड़ी में किया जाएगा अंतिम संस्कार

विजयपत सिंघानिया का अंतिम संस्कार रविवार को दोपहर तीन बजे मुंबई के चंदनवाड़ी में किया जाएगा। उनके शोक संतप्त परिवार में पत्नी आशादेवी सिंघानिया और बच्चे मधुपति सिंघानिया, शेफाली रुइया और गौतम सिंघानिया हैं।

2006 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था

विजयपत सिंघानिया का जन्म अक्टूबर, 1938 में हुआ था। वे 1980 से 2015 तक रेमंड ग्रुप के चेयरमैन रहे। उनके पास लंदन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च से मानद PhD की डिग्री थी। इसके अलावा, उन्हें 2006 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। वह एक उत्साही एविएटर थे और उनके नाम हॉट एयर बैलून में सबसे ऊंची उड़ान भरने का रिकॉर्ड दर्ज है। उड़ान भरने के उनके रोमांचक अनुभवों को उनकी 2005 में प्रकाशित पुस्तक में संजोया गया है।

1980 में कमान संभालने के बाद रेमंड को दिलाई नई पहचान

विजयपत सिंघानिया ने 1980 में रेमंड की बागडोर संभाली। उन्हें एक ऐसा कारोबार विरासत में मिला, जिसकी इज्जत तो थी, लेकिन कम्पनी ने अपनी पूरी पहचान और क्षमता हासिल नहीं की थी। विजयपत के नेतृत्व में इस ग्रुप में जबर्दस्त बदलाव आया। उन्होंने पारंपरिक ऊनी कपड़ों के उत्पादन से आगे बढ़कर सिंथेटिक कपड़ों, डेनिम और यहां तक कि हाई-प्रिसिजन इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी अपना विस्तार किया। 1990 के दशक तक रेमंड कंप्लीट मैन का पर्याय बन गया था। बड़े पैमाने पर उत्पादन और बेहतरीन गुणवत्ता के बीच तालमेल बैठाने की उनकी काबिलियत ने यह सुनिश्चित किया कि रेमंड का नाम दशकों तक भारतीय अर्थव्यवस्था का एक मजबूत स्तंभ बना रहे।

बेटे से लड़ी थी कानूनी जंग

विजयपत सिंघानिया और उनके बेटे गौतम के बीच संपत्ति को लेकर विवाद भी चला था। इस विवाद की शुरुआत 2015 में हुई, जब विजयपत ने अपनी 37% हिस्सेदारी बेटे गौतम सिंघानिया को सौंप दी। उनका दावा था कि 2007 के एक पारिवारिक समझौते के तहत उन्हें मुंबई के मालाबार हिल स्थित JK हाउस में एक आलीशान फ्लैट मिलना था, जिसकी कीमत बाजार से काफी कम तय की गई थी। लेकिन कम्पनी बोर्ड ने इस सौदे का विरोध किया और इसे कम्पनी की संपत्ति के खिलाफ बताया।

जैसे-जैसे विवाद बढ़ा, बोर्ड ने विजयपत सिंघानिया से चेयरमैन एमेरिटस का पद भी वापस ले लिया। विजयपत ने तब आरोप लगाया कि उन्हें बेघर कर दिया गया। वहीं, रेमंड ग्रुप के वर्तमान चेयरमैन गौतम सिंघानिया ने खुद पर लगे सभी आरोपों को समय-समय पर खारिज किया।

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