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पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम बोले – 2 वर्ष पहले से भी कम जीडीपी, गिरावट से नहीं उबर सकी अर्थव्यवस्था

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नई दिल्ली, 1 सितम्बर। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के नवीनतम आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि कुल जीडीपी अब भी दो वर्ष पहले के मुकाबले कम है और कई प्रमुख क्षेत्रों की विकास दर अब भी महामारी के पहले वाली स्थिति में नहीं पहुंची है।

गौरतलब है कि जीडीपी में वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में 20.1 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई है। एक वर्ष पहले की पहली तिमाही का तुलनात्मक आधार नीचे होने से इस वर्ष की वृद्धि दर ऊंची रही है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से मंगलवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक जीडीपी में पिछले वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में 24.4 फीसदी की गिरावट रही थी।

पी. चिदंबरम ने ट्वीट के जरिए कहा, ‘वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही के जीडीपी आंकड़े बहुत ही स्पष्ट हैं। 2021-22 की पहली तिमाही में जीडीपी 32,38,828 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2019-20 की पहली तिमाही की जीडीपी 35,66,788 करोड़ रुपये से अब भी कम है।’

प्रमुख क्षेत्रों की विकास दर अब भी महामारी के पहले वाली स्थिति में नहीं

उन्होंने कहा, ‘जो मुख्य क्षेत्र महामारी से पहले वाली स्थिति में नहीं पहुंच सके हैं, वो खनन, विनिर्माण, निर्माण, व्यापार, होटल एवं परिवहन तथा वित्तीय एवं पेशेवर सेवाएं हैं। आर्थिक गतिविधि के संदर्भ में हम अब भी निजी खपत, सकल स्थायी पूंजी निर्माण और आयात जैसे क्षेत्रों में पीछे हैं।’

जीडीपी की यह वृद्धि असल में नकारात्मक है

चिदंबरम ने कहा, ‘20.1 फीसदी की वृद्धि का जश्न मनाने से पहले कृपया इस पर विचार करिए कि यह वृद्धि असल में नकारात्मक है क्योंकि 2020-21 की पहली तिमाही में जीडीपी में 24.4 फीसदी की गिरावट आई थी। इस वर्ष की पहली तिमाही के आंकड़ों से स्पष्ट है कि हम पिछले वर्ष की गिरावट से पूरी तरह उबर नहीं पाए हैं।’

दूसरी तरफ कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा, ‘देश की जीडीपी चार वर्ष पुराने स्तर पर चली गई, लेकिन सरकार के पास अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने की एक ही योजना है कि सार्वजनिक संपत्तियों को बेच दिया जाए।’