Site icon hindi.revoi.in

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून से शुरू होंगी उड़ानें, इंडिगो एयरलाइंस पहली कमर्शियल उड़ान भरेगी

Social Share

ग्रेटर नोएडा, 1 मई। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से डेढ़ माह बाद यानी 15 जून से कमर्शियल उड़ानों का संचालन शुरू हो जाएगा। एयरपोर्ट अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा करते हुए बताया कि इससे उत्तरी भारत में हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने पुष्टि की कि यह एयरपोर्ट यात्रियों, एयरलाइंस और कार्गो से जुड़े कामों को संभालना शुरू कर देगा, जिससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में इसकी भूमिका और मजबूत होगी।

अधिकारियों ने यह भी बताया कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून को पहली उड़ान निजी एयरलाइंस इंडिगो की होगी। अकासा एयर और एअर इंडिया एक्सप्रेस जैसी अन्य एयरलाइंस के भी जल्द ही इस कड़ी में शामिल होने की उम्मीद है। उड़ानों के विस्तृत शेड्यूल, गंतव्यों और यात्रियों के लिए अतिरिक्त सेवाओं की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।

पीएम मोदी ने गत 28 मार्च को किया था उद्घाटन

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 28 मार्च को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। इसके बाद जल्द ही यहां से घरेलू और कार्गो सेवाओं के शुरू होने के कयास लगाए जा रहे थे। नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो से हवाई अड्डा सुरक्षा कार्यक्रम (एएसपी) की मंजूरी मिलने के बाद अब यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने 15 जून से उड़ानों के संचालन की घोषणा की है।

यह एयरपोर्ट दिल्ली का ट्रैफिक कम करेगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा

देखा जाए तो नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IATA कोड: DXN) दिल्ली का ट्रैफिक कम करेगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगा। यह ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश-विदेश के प्रमुख गंतव्यों से जोड़ेगा। इस सुविधा में फिलहाल एक रनवे और एक पैसेंजर टर्मिनल शामिल है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है।

फिलहाल एक रनवे और एक पैसेंजर टर्मिनल, सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्री

एयरपोर्ट अधिकारियों ने बताया कि हवाई यात्रा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए विकसित किए गए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट में आधुनिक टर्मिनल इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल संचालन और मज़बूत मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी की सुविधा होगी। उन्होंने आगे कहा कि इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह यात्रियों को एक सहज अनुभव प्रदान करे, साथ ही एयरलाइंस को भी कम लागत और भरोसेमंद तरीके से संचालन करने में सक्षम बनाए।

उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वस्तुतः नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट वस्तुतः एक ‘ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट’ है। देश की उन प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर पहलों में से एक है, जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। एक बार पूरी तरह से चालू हो जाने के बाद, उम्मीद है कि यह दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भीड़भाड़ को कम करेगा और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए एक प्रमुख हवाई केंद्र के रूप में उभरेगा।

PPP मॉडल के तहत 11,200 करोड़ की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा

यह हवाई अड्डा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत लगभग 11,200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है। अभी इसमें एक रनवे और एक पैसेंजर टर्मिनल शामिल है, जिसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है। एयरपोर्ट के सभी चार चरण पूरे होने पर, हवाई अड्डे के काफी बड़े पैमाने पर विस्तार होने की उम्मीद है, जिसकी अनुमानित वार्षिक क्षमता सात करोड़ यात्रियों तक होगी।

Exit mobile version