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मध्य पूर्व संकट : इस्लामाबाद में ईरान व अमेरिका के बीच बातचीत का पहला दौर खत्म, ब्रेक के बाद फिर होगी चर्चा

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इस्लामाबाद, 11 अप्रैल। एक माह से ज्यादा समय तक चली जंग के बाद अमेरिका व ईरान के बीच अस्थायी युद्ध विराम पर बनी सहमति के बाद पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार अपराह्न लगभग चार बजे दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों के बीच बातचीत शुरू हुई।

ढाई घंटे की सकारात्मक बातचीत में पाकिस्तान मध्यस्थ भी मौजूद थे

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका और ईरान के बीच सेरेना होटल में बातचीत का पहला राउंड खत्म हो गया है। दो सरकारी अधिकारियों ने बीबीसी उर्दू को पुष्टि की है कि ढाई घंटे की बातचीत में पाकिस्तानी मध्यस्थ भी मौजूद थे। एक सूत्र के अनुसार शुरुआती बातचीत सकारात्मक रही है। यह भी पुष्टि हो गई है कि एक छोटे ब्रेक के बाद तीन-तरफा बातचीत फिर से शुरू होगी।

बातचीत ठीक रही तो दोनों देशों के बीच सीधी वार्ता संभव

बातचीत के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार की रात इस्लामाबाद पहुंचा था जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल शनिवार की सुबह आया था। पाकिस्तान सरकार के सूत्रों ने बताया कि पहले दौर की बातचीत मध्यस्थों के जरिए हुई है। यानी कि पाकिस्तान के अधिकारी दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे थे। यदि बातचीत ठीक रहती है और माहौल ऐसा बनता है तो यह संभव है कि दोनों देश सीधे वार्ता कर पाएं।

ट्रंप बोले – इस संघर्ष में ईरान बुरी तरह हार रहा

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस संघर्ष में ईरान बुरी तरह हार रहा है। ट्रुथ सोशल पर एक लंबे पोस्ट में ट्रंप ने दावा किया, ‘मीडिया के कुछ लोग यह कहना पसंद करते हैं कि ईरान जीत रहा है जबकि वास्तविकता यह है कि हर कोई जानता है कि ‘वे हार रहे हैं और बहुत बुरी तरह हार रहे हैं।’

ट्रंप ने इसके बाद संघर्ष के दौरान उनके प्रशासन द्वारा किए गए दावों को दोहराया – “उनकी नौसेना समाप्त हो चुकी है, उनकी वायुसेना खत्म हो चुकी है, उनका एंटी‑एयरक्राफ्ट सिस्टम अस्तित्वहीन है, राडार खत्म हो चुका है, उनके मिसाइल और ड्रोन कारख़ाने काफ़ी हद तक नष्ट कर दिए गए हैं, मिसाइलें और ड्रोन खुद भी नष्ट हो चुके हैं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके लंबे समय से चले आ रहे ‘नेता’ अब हमारे बीच नहीं हैं।”

ईरान असफल, अब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट की सफाई में जुटा

ईरान द्वारा समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने का जिक्र करने के बाद उन्होंने कहा कि अब अमेरिका दुनियाभर के देशों के लिए उपकार के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट की सफाई शुरू कर रहा है। इसी क्रम में अमेरिका ने यह भी दावा किया है कि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने में असमर्थ है क्योंकि उसने जो बारूदी सुरंगें बिछाई थीं, उन्हें अब ढूंढ नहीं पा रहा है और उन्हें हटाने की क्षमता भी नहीं है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह मुख्य वजह है कि ईरान ट्रंप प्रशासन की मांग को जल्दी पूरा नहीं कर पा रहा है। अमेरिका चाहता है कि इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से ज्यादा से ज्यादा जहाजों का आवागमन शुरू हो जाए।

 

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