जयपुर, 24 मई। राजस्थान इस समय झुलसाने वाली गर्मी और भीषण लू (हीटवेव) की चपेट में है। मौसम विभाग ने राज्य के 18 जिलों में लू का ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। शनिवार को राजधानी जयपुर सहित कई इलाकों में आंधी और हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन इससे तापमान में कोई गिरावट नहीं आई और उमस ने लोगों को और परेशान कर दिया। पश्चिमी राजस्थान के जिलों में पारा लगातार चढ़ रहा है, जहां बीते 24 घंटों में 45.9 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ जैसलमेर राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा।
नौतपा की सोमवार से शुरुआत हो रही है। इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से एक बेहद दुर्लभ संयोग बन रहा है। 46 साल बाद ऐसा हो रहा है जब नौतपा की शुरुआत गंगा दशहरा के दिन हो रही है। ज्योतिषियों के अनुसार, इससे पहले ऐसा अनूठा संयोग साल 1980 में बना था। इस बार नौतपा के दौरान दो मंगलवार पड़ रहे हैं और कई ग्रहों की युति से ‘त्रिग्रही योग’ बन रहा है। इसके प्रभाव से तेज गर्मी और आंधी तो चलेगी, लेकिन कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी के कारण नौतपा खंडित होने के भी संकेत हैं।
जैसलमेर, फलोदी और बाड़मेर: इन क्षेत्रों में हीटवेव का सबसे घातक असर देखा जा रहा है। जैसलमेर में पारा 46 डिग्री के करीब (45.9°C) पहुंच चुका है।
जयपुर: दोपहर तक तेज धूप और लू के बाद 2 बजे मौसम बदला। धूलभरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी हुई। अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री दर्ज किया गया।
कोटा: यहां तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुँचा है। गर्मी का असर वन्यजीवों पर भी दिख रहा है; अभेड़ा बायोलॉजिकल पार्क में जानवरों के लिए कूलर और डक्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं।
अलवर व सीकर: अलवर में शनिवार को 15 मिनट तक बारिश हुई, लेकिन उमस बढ़ गई। यहाँ अगले दो दिनों में पारा 46 डिग्री तक जाने की आशंका है। सीकर में दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच उमस बनी रही।
उदयपुर व अजमेर : लेकसिटी उदयपुर में पारा 41.9 डिग्री तक पहुँच गया है, जहाँ आम लोगों के लिए सामाजिक संस्थाओं द्वारा ठंडे पानी और छाछ की व्यवस्था की जा रही है। अजमेर में भी लोग उमस और 41.6 डिग्री तापमान से बेहाल हैं।
बढ़ता यूवी इंडेक्स (UV Index): मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में धूप और तीखी होगी। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पराबैंगनी विकिरण सूचकांक (UV Index) बेहद उच्च स्तर पर रहेगा। इस दौरान सीधी धूप में निकलने से आंखों और त्वचा में तेज जलन या सनबर्न का खतरा हो सकता है।
एसिडिटी और अपच की समस्या : देश के कई हिस्सों में तापमान 45°C के पार होने से लोगों में पाचन क्रिया प्रभावित हो रही है। डॉक्टरों ने इस मौसम में खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव करने तथा घरेलू उपायों की मदद से एसिडिटी से बचने की सलाह दी है।

