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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- सट्टेबाजी पर रोक लगाना F&O में STT बढ़ोतरी का मकसद

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नई दिल्ली, 1 फरवरी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी का मकसद हाई-रिस्क सट्टेबाजी पर रोक लगाना है। उन्होंने कहा कि यह फैसला उन भोले-भाले निवेशकों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए लिया गया है, जो डेरिवेटिव मार्केट में बड़ी रकम गंवा रहे थे।

शेयर बाजार में 7 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय बजट में वायदा सौदों पर STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स पर STT को बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। फिलहाल, ऑप्शंस प्रीमियम पर STT 0.1 प्रतिशत और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर 0.125 प्रतिशत है। बजट में लाए गए इस प्रस्ताव का नतीजा यह रहा कि रविवार के बावजूद विशेष ट्रेडिंग सत्र में शेयर बाजार में सात वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

रकम गंवा रहे छोटे निवेशकों की मदद के लिए उठाया गया कदम : निर्मला

निर्मला सीतारमण ने 53.5 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार फ्यूचर्स और ऑप्शंस ट्रेडिंग के खिलाफ नहीं है। लेकिन वह चाहती है कि जो छोटे निवेशक भारी नुकसान उठा रहे हैं, वे सट्टेबाजी वाले F&O मार्केट से दूर रहें।

सीतारमण ने कहा, यह मामूली बढ़ोतरी पूरी तरह से सट्टेबाजी को टारगेट करके की गई है। हम इसके (F&O ट्रेडिंग) खिलाफ नहीं हैं, लेकिन अगर छोटे निवेशक पैसे गंवा रहे हैं, तो हम चुप कैसे रह सकते हैं? इसलिए, F&O पर STT में यह बढ़ोतरी ऐसे निवेशों को हतोत्साहित करने के लिए है।’

‘हम ग्रोथ की गति बनाए रखने के लिए रास्ता बना रहे हैं’

वित्त मंत्री ने एक अन्य सवाल पर कहा, ‘हम ग्रोथ की गति बनाए रखने के लिए रास्ता बना रहे हैं। अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दे रहे हैं। उस ग्रोथ की गति या लगातार आर्थिक विकास को हम सुनिश्चित करना चाहते हैं। मुख्य रूप से हम स्ट्रक्चरल सुधारों के साथ इकोसिस्टम बनाने पर ध्यान दे रहे हैं, जो जारी रहेंगे। सुधार किए गए हैं। हम सुधार गतिविधियों को जारी रख रहे हैं।’

उन्होंने कहा, ‘यह इस लक्ष्य के साथ जारी रहेगा कि हम प्रोडक्टिविटी में सुधार और रोजगार पैदा करने के लिए पर्याप्त माहौल बनाएं। 21वीं सदी पूरी तरह से टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इसलिए हम यह सुनिश्चित करेंगे कि आम आदमी को फायदा पहुंचाने के लिए टेक्नोलॉजी लाई जाए। हर शहर को सालाना 1000 करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं, और जोर बड़े पैमाने पर टियर 2, टियर 3 शहरों पर होगा।’

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