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अबू धाबी के पहले हिन्दू मंदिर में पहुंचे विदेश मंत्री एस. जयशंकर, बताया सद्भाव का प्रतीक

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नई दिल्ली, 1 सितम्बर। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में निर्माणाधीन पहले हिन्दू मंदिर का दौरा किया। उन्होंने इस मंदिर को शांति, सहिष्णुता और सद्भाव का प्रतीक बताया है। विदेश मंत्री ने मंदिर के अपने दौरे की कुछ तस्वीरें भी ट्विटर पर पोस्ट की हैं, जिसमें दिख रहा है कि वह मंदिर परिसर में मौजूद हैं।

तीव्र गति से हो रहा मंदिर का निर्माण

दरअसल, बुधवार को तीन दिवसीय यात्रा पर यूएई पहुंचे जयशंकर ने प्रतिष्ठित मंदिर के निर्माण में भारतीयों के प्रयासों की भी सराहना की। जयशंकर ने ट्विटर पर लिखा, ‘गणेश चतुर्थी के शुभ अवसर पर अबू धाबी में निर्माणाधीन बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण हिन्दू मंदिर में दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मंदिर निर्माण की तीव्र प्रगति तथा इसमें शामिल सभी लोगों की सराहना करता हूं।’

विदेश मंत्री ने यूएई के मंत्री से भी मुलाकात की

उन्होंने यह भी लिखा कि निर्माण स्थल पर बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण की टीम, समुदाय के सदस्यों, श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं से मिलकर अति प्रसन्नता हुई। जयशंकर ने यूएई के सहिष्णुता और सह-अस्तित्व मंत्री शेख नाहयान बिन मबारक अल नाहयान से भी मुलाकात की और भारतीय समुदाय, योग गतिविधियों, क्रिकेट और सांस्कृतिक सहयोग के लिए उनके मजबूत समर्थन की सराहना भी की।

यूएई में भारतीय दूतावास ने की सराहना
वहीं इससे पहले यूएई में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया कि विदेश मंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर की यात्रा की शुभ शुरुआत हुई। विदेश मंत्री ने अबू धाबी मंदिर के स्थल का दौरा किया। साथ ही शांति, सहिष्णुता व सद्भाव के प्रतीक इस प्रतिष्ठित मंदिर के निर्माण में सभी भारतीयों के प्रयासों की सराहना की।

मध्य पूर्व का पहला पारंपरिक हिन्दू मंदिर
उल्लेखनीय है कि यह मंदिर 55 हजार वर्ग मीटर भूमि पर बनेगा। इसे भारतीय कारीगरों द्वारा तराशा जाएगा और बाद में यूएई में विभिन्न हिस्सों को जोड़ा जाएगा। यह मध्य पूर्व में पहला पारंपरिक हिन्दू मंदिर होगा। संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा के दौरान, जयशंकर अपने समकक्ष शेख अब्दुल्ला बिन जायद के साथ वार्ता कर दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करेंगे।

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