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लार्ड्स टेस्ट का रोमांचक अंत तय : चौथे दिन 14 विकेटों का पतन, 193 रनों के लक्ष्य के सामने भारत ने गंवाए 4 विकेट

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लंदन, 13 जुलाई। शुरुआती तीन दिनों तक गेंद और बल्ले के बीच बराबरी की टक्कर के बाद लार्ड्स में रविवार को गेंदबाजों का वर्चस्व दिखा। इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि दिनभर में कुल 14 विकेटों का पतन हुआ। इस दौरान नाटकीय उलटफेरों, सटीक गेंदबाजी और रोमांचक बल्लेबाजी के दर्शन हुए। इसके साथ ही क्रिकेट के मक्का में पांचवें व अंतिम दिन तृतीय टेस्ट का रोमांचक अंत भी सुनिश्चित हो गया।

सुंदर एंड कम्पनी ने 38 रनों के भीतर इंग्लैंड के अंतिम 6 विकेट झटके

पहली पारी में दोनों टीमों के बराबर स्कोर (387) के बाद इंग्लैंड ने चौथे दिन बिना क्षति दो रन से दूसरी पारी आगे बढ़ाई तो मेहमान गेंदबाजों ने लगातार अपनी हनक दिखाई। अंततः ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर (4-22) और उनके साथियों ने 38 रनों के भीतर अंतिम छह बल्लेबाजों को चलता कर इंग्लैंड को तीसरे सत्र में 192 रनों पर समेट दिया।

यशस्वी, नायर व गिल सस्ते में चलते बने

हालांकि कमजोर लक्ष्य के सामने भारतीय पारी भी लड़खड़ा गई और उसने दिन का खेल समाप्त होने तक 17.4 ओवरों में 58 रनों पर यशस्वी जायसवाल (0), करुण नायर (14 रन, 33 गेंद, एक चौका) व कप्तान शुभमन गिल (छह रन, नौ गेंद, एक चौका) सहित चार विकेट गंवा दिए थे।

कार्स की अगुआई में अंग्रेज गेंदबाजों ने भारत पर झोंका दबाव

दरअसल, भारतीय पारी की नाटकीय शुरुआत हुई, जब अंग्रेज पेसर जोफ्रा आर्चर ने लगातार दूसरी बार यशस्वी जायसवाल (0) को अपने पहले ही ओवर में मायूस किया। वहीं ब्राइडन कार्स (2-11) ने अपने एक ही ओवर में करुण नायर  व कप्तान शुभमन गिल (छह रन, नौ गेंद, एक चौका) को पगबाधा आउट कर मेहमानों को गहरे दबाव में झोक दिया जबकि रात्रि प्रहरी आकाश दीप (एक) भी 18वें ओवर में बेन स्टोक्स की चौथी गेंद पर बोल्ड हो गए। इसके साथ ही दिन के खेल समाप्ति की घोषणा कर दी गई।

टीम इंडिया जीत से 135 रन दूर, इंग्लैंड को चाहिए 6 विकेट

अब स्थिति यह है कि एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी के लिए खेली जा रही सीरीज में 2-1 की बढ़त के लिए भारत को अंतिम दिन और 135 रनों की दरकार रहेगी जबकि इंग्लैंड जीत से छह विकेट दूर है। कुल मिलाकर देखें तो पहली पारी के शतकवीर के एल राहुल पर एक बार फिर भारतीय पारी का दारोमदार आ टिका है, जो स्टंप्स के वक्त 33 रन (47 गेंद, छह चौके) बनाकर क्रीज पर उपस्थित थे। हालांकि राहुल के अलावा भारतीय तरकश में अभी ऋषभ पंत, नीतीश कुमार रेड्डी, रवींद्र जडेजा व वॉशिंगटन सुंदर सरीखे दमदार तीर हैं।

सिराज ने पहले सत्र के शुरुआती स्पेल में दोनों ओपनरों को लौटाया

इसके पूर्व दिन की शुरुआत हुई तो भारत ने जल्द ही नियंत्रण साध लिया। मोहम्मद सिराज (2-31) ने अपने पहले स्पेल में ही कहर बरपाते हुए बेन डकेट (12 रन, 31 गेंद, एक चौका) को मिड-ऑन पर जसप्रीत बुमराह के हाथों कैच कराया और जल्द ही ऑली पोप (चार रन) को भी पगबादधा कर दिया।

स्कोर कार्ड

सिराज की आक्रामक प्रतिक्रिया ने पिछली शाम से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया, जब युवा नीतीश कुमार रेड्डी (1-20) ने जैक क्रॉली (22 रन, 49 गेंद, 76 मिनट, तीन चौके) को गली में यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच करा पैवेलियन भेजा। हैरी ब्रूक (23 रन, 19 गेंद, एक छक्का, चार चौके) ने कुछ आक्रामक शॉट्स लगाकर इंग्लैंड के लिए प्रत्याक्रमण की कोशिश की, लेकिन आकाश दीप (1-30) ने लंच (4-98) से पहले शानदार उन्हें बोल्ड कर दिया (4-87)।

सुंदर ने रूट व स्टोक्स के बीच 67 रनों की भागीदारी तोड़ी

लंच के बाद भी भारत का दबदबा जारी रहा। वॉशिंगटन सुंदर ने अपनी फिरकी का जादू बिखेरते हुए सबसे पहले दूसरी पारी के सर्वोच्च स्कोरर जो रूट (40 रन, 96 गेंद, 140 मिनट, एक चौका ) को क्लीन बोल्ड किया। इसके साथ ही उन्होंने रूट और बेन स्टोक्स के बीच 67 रनों की साझेदारी तोड़ी। इसी गेंदबाज ने जैमी स्मिथ (आठ रन) को भी बोल्ड कर दिया।

इंग्लैंड के अंतिम 4 विकेट 11 रनों की वृद्धि पर निकल गए

चाय (6-175) के बाद भारतीय गेंदबाजों ने बचे चार विकेट 11 रनों की वृद्धि पर निकाल लिए। इस क्रम में सुंदर ने स्टोक्स को बोल्ड कर इंग्लैंड को पहला झटका दिया तो जसप्रीत बुमराह ने अपनी शानदार यॉर्कर पर कार्स को और फिर क्रिस वोक्स को बोल्ड किया। वॉशिंगटन ने आखिरी विकेट के रूप में शोएब बशीर को आउट कर इंग्लैंड की दूसरी पारी समाप्त की।

लार्ड्स में बेदी के बाद किसी भारतीय स्पिनर का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

लॉर्ड्स ग्रांउड पर 1974 के बिशन सिंह बेदी के छह विकेटों के बाद किसी भारतीय स्पिनर का यह दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। एक अहम तथ्य यह भी है कि इस टेस्ट में इंग्लैंड के 12 बल्लेबाज बोल्ड आउट हुए हैं, जो 1955 के बाद एक टेस्ट में किसी टीम के सर्वाधिक बोल्ड आउट विकेट हैं। यह भारतीय गेंदबाजों की सटीकता को दर्शाता है।

कार्स ने इंग्लैंड की मैच में वापसी करा दी

लक्ष्य का पीछा करने के लिए जब भारत उतरा तो आर्चर (1-18) ने अपने पहले ही ओवर में यशस्वी जायसवाल को आउट कर यह स्पष्ट कर दिया कि यह चेज आसान नहीं होगा। हालांकि, इसके बाद करुण नायर और के एल राहुल के बीच 36 रनों की एक अच्छी साझेदारी हुई, जिसने भारत को कुछ स्थिरता दी। लेकिन कार्स ने जल्दी ही करुण नायर और शुभमन गिल को पैवेलियन भेज कर मैच में इंग्लैंड की वापसी करा दी। गिल के विकेट के बाद नाइटवॉचमैन के रूप में आए आकाश दीप का विकेट भी शामिल था।

इतिहास दोहराने पर भारत की निगाहें

कुल मिलाकर देखें तो यह मैच अब रोमांचक मोड़ पर है। यदि भारत यह टेस्ट जीतता है तो वह सिर्फ दूसरी बार इंग्लैंड में लगातार दो टेस्ट मैच जीतेगा, जैसा कि उसने 1986 में लॉर्ड्स और लीड्स में किया था। पांचवें दिन का खेल यह तय करेगा कि क्या भारत इतिहास दोहरा पाता है या इंग्लैंड का आक्रमण उन पर भारी पड़ता है।

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