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विश्व आर्थिक मंच से EU अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की घोषणा- ‘हम भारत संग ऐतिहासिक समझौते के करीब’

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नई दिल्ली, 20 जनवरी। यूरोपीय यूनियन (EU) अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने विश्व आर्थिक मंच (WEF) से एलान किया कि ईयू भारत संग ऐतिहासिक समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गया है। दावोस में विश्व आर्थिक मंच से अपने संबोधन में वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यूरोप आज के विकास केंद्रों और इस सदी की आर्थिक महाशक्तियों के साथ व्यापार करना चाहता है। उन्होंने अपने संबोधन में अमेरिका को स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की कि अब टैरिफ से बेखौफ होकर यूरोप नए साथियों संग साझेदारी के लिए तैयार है।

एंटोनियो कोस्टा और वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे

उल्लेखनीय है कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करने के लिए भारत में रहेंगे। गणतंत्र दिवस समारोह के एक दिन बाद 27 जनवरी को दोनों पक्ष भारत-ईयू शिखर सम्मेलन में बहुप्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी होने की घोषणा करने वाले हैं।

गणतंत्र दिवस समारोह के बाद भारत का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता होगा

ईयू की एक सैन्य टुकड़ी पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेगी, जो बढ़ते द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों को दर्शाता है। यह व्यापार सौदा भारत द्वारा अब तक का सबसे बड़ा सौदा होगा, जिसमें 27 देशों वाले यूरोपीय संघ के साथ सामान और सेवाओं को शामिल किया जाएगा।

यह समझौता 2 अरब लोगों के लिए बाजार क्रिएट करेगा – लेयेन

वॉन डेर लेयेन ने बताया, ‘हमने बहुत देशों के साथ समझौते किए हैं। अब भी काम करना बाकी है। हम एक ऐतिहासिक व्यापार समझौते की दहलीज पर हैं। कुछ इसे सभी समझौतों की जननी कहते हैं। ऐसा समझौता, जो दो अरब लोगों के लिए बाजार क्रिएट करेगा और ये वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।’

भारत संग संभावित व्यापार समझौता यूरोप को मजबूत करेगा

ईयू अध्यक्ष के अनुसार संभावित व्यापार समझौता यूरोप को मजबूत करेगा। यूरोप लैटिन अमेरिका से लेकर एशिया प्रशांत के इकोनॉमिक पावरहाउस को चुन रहा है और दुनिया भी हमारी ओर हाथ बढ़ा रही है।

लेयेन ने कहा कि अब ईयू को अपनी आर्थिक और रणनीतिक मजबूती को बढ़ाने के लिए और तेजी से आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘भू-राजनीतिक झटके यूरोप के लिए एक मौका हो सकते हैं और होने भी चाहिए। जो बड़ा बदलाव हो रहा है, वह नई यूरोपीय आजादी बनाने को संभव और जरूरी बनाता है, रक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था तक और रक्षा से लेकर लोकतंत्र तक। यूरोप तेजी से आगे बढ़ रहा है।’

भारत-ईयू व्यापार समझौते की बात करें तो ऐतिहासिक एफटीए को लेकर दोनों पक्ष एक दस्तावेज अपनाएंगे, जिसके बाद समझौते को जरूरी कानूनी प्रक्रिया और यूरोपीय संसद और परिषद द्वारा मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। दोनों पक्ष सुरक्षा और रक्षा साझेदारी समझौते और ईयू में रोजगार पाने वाले भारतीयों की मोबिलिटी बढ़ाने के लिए एक समझौते पर भी हस्ताक्षर कर सकते हैं।

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