ब्रसेल्स, 2 अप्रैल। यूरोपीय आयोग (EU) की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर से फोन पर बात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर चर्चा की। इसके साथ ही, उन्होंने वैश्विक आर्थिक अस्थिरता के खतरे को लेकर चेतावनी दी।
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘किएर स्टार्मर के साथ अच्छी बातचीत हुई। हमने मिडिल ईस्ट और होर्मुज स्ट्रेट के हालात पर बात की। ईरान के कामों से वैश्विक आर्थिक स्थिरता खतरे में पड़ रही है। हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि नेविगेशन की आजादी जल्द से जल्द फिर से शुरू हो सके।’
Good call yesterday with @Keir_Starmer.
We discussed the situation in the Middle East and the Strait of Hormuz.
Iran’s actions are putting global economic stability at risk.
We will work with our partners to ensure freedom of navigation can resume as soon as possible.
We…
— Ursula von der Leyen (@vonderleyen) April 2, 2026
ईयू अध्यक्ष ने आगे लिखा, ‘हमने आने वाले ईयू-यूके समिट पर भी बात की। पिछले वर्ष के कमिटमेंट्स को पूरा करने और हमारी साझेदारी को और मजबूत करने के लिए यह एक अहम पल है।
ब्रिटेन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक वर्चुअल समिट होस्ट करेगा
इसके अलावा, ब्रिटेन होर्मुज स्ट्रेट को लेकर एक वर्चुअल समिट मेजबानी करेगा, जिसमें 35 देशों के प्रतिनिधि इस जरूरी जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए डिप्लोमेटिक और पॉलिटिकल ऑप्शन पर विचार करने के लिए इकट्ठा होंगे। यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोपीय साथियों की आलोचना करते हुए उनसे कहा है कि वे अपने लिए लड़ना सीखना शुरू करें।
ब्रिटिश पीएम स्टार्मर ने की घोषणा
UK के पीएम स्टार्मर ने बुधवार को घोषणा की, ‘ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर एक मीटिंग होस्ट करेंगी, जो पहली बार होर्मुज स्ट्रेट से संबंधित चिंता पर विचार और निष्कर्ष निकालने के लिए सभी देशों को एक साथ लाएगी। सभी देश उन सभी मुमकिन डिप्लोमेटिक और पॉलिटिकल उपायों को देखेंगे, जो नेविगेशन की आजादी को फिर से शुरू करने के लिए कर सकते हैं।’
ब्रिटेन इस पहल पर अमेरिका के साथ काम करना जारी रखेगा
वहीं एक ब्रिटिश अधिकारी ने अमेरिकी मीडिया CNN को बताया कि ब्रिटेन इस पहल पर अमेरिका के साथ काम करना जारी रखेगा, जो गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल सहित दूसरे खास साझोदारों को भी साथ लाता है। स्टार्मर ने कहा कि मिलिट्री प्लानर्स को भी इस समिट में बुलाया जाएगा ताकि यह देखा जा सके कि संघर्ष खत्म होने के बाद हम अपनी क्षमताओं को कैसे तैयार कर सकते हैं और स्ट्रेट को कैसे आसान और सुरक्षित बना सकते हैं। हालांकि, पीएम स्टार्मर ने चेतावनी भी दी है कि ‘यह आसान नहीं होगा।’

