हरिद्वार, 16 जनवरी। उत्तराखंड में हरिद्वार की विश्वप्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर शुक्रवार को विवाद गहरा गया। गंगा सभा द्वारा की जा रही लगातार मांग के बाद अब हरकी पैड़ी क्षेत्र में पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि यह क्षेत्र गैर-हिंदुओं का प्रवेश निषेध है। पोस्टरों में इसे म्यूनिसिपल एक्ट हरिद्वार के तहत बताया गया है। हरकी पैड़ी क्षेत्र की व्यवस्थाओं से जुड़ी संस्था गंगा सभा इस मुद्दे पर खुलकर सामने आ गई है।
संस्था का कहना है कि हरकी पैड़ी सनातन धर्म और आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां केवल हिंदुओं को ही प्रवेश की अनुमति होनी चाहिए। गंगा सभा ने प्रशासन से वर्ष 1916 के नगरपालिका उपनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। गंगा सभा का तर्क है कि धार्मिक परंपराओं और आस्थाओं की रक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है।
संस्था इससे पहले भी हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर अहिंदुओं के प्रवेश को लेकर सरकार और प्रशासन से प्रतिबंध लगाने की मांग करती रही है। इस कदम के बाद हालांकि, प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है और मामले को लेकर कानूनी व संवैधानिक पहलुओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है।

