गुवाहाटी, 17 फरवरी। असम विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मंगलवार को गुवाहाटी में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य दलों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया।
इस बैठक में असम के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) और भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। ये परामर्श आयोग की ओर से आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही प्रारंभिक प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं।
Review meeting on Poll Preparedness underway in Guwahati in the presence of CEC Shri Gyanesh Kumar, along with EC Dr. Sukhbir Singh Sandhu and EC Dr. Vivek Joshi, with IGs, DIGs, DEOs, and SPs/SSPs of Assam.#AssamAssemblyElection2026 #ECI pic.twitter.com/GtsxEOqqcT
— Election Commission of India (@ECISVEEP) February 17, 2026
इस संवाद में कई मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में उपस्थित राष्ट्रीय दलों में आम आदमी पार्टी (आप), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) सीपीआई (एम) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस शामिल थीं।
इसके अलावा, अखिल भारतीय संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (एआईयूडीएफ), असम गण परिषद (एजीपी), बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने चर्चा में भाग लिया। बैठक के दौरान अधिकतर राजनीतिक दलों ने प्रशासनिक सुविधा और मतदाता भागीदारी का हवाला देते हुए मांग की कि असम विधानसभा चुनाव एक ही चरण में या अधिक से अधिक दो चरणों में आयोजित किए जाएं।
बिहू त्योहार को ध्यान में रखते हुए चुनाव तिथियों का निर्धारण का आग्रह
कई पार्टियों ने आयोग से यह भी आग्रह किया कि वह राज्य में महत्वपूर्ण सांस्कृतिक महत्व रखने वाले बिहू त्योहार के उत्सव को ध्यान में रखते हुए चुनाव तिथियों का निर्धारण करे। राजनीतिक दलों ने आम तौर पर असम में मतदाता सूची के विशेष संशोधन के संचालन की सराहना की और चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए चुनाव आयोग द्वारा किए गए प्रयासों को स्वीकार किया।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मतदान व्यवस्था, कानून व्यवस्था, सुरक्षा बलों की तैनाती और शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए अन्य उपायों से संबंधित सुझाव और चिंताएं भी साझा कीं। चुनाव आयोग ने सभी हितधारकों को आश्वासन दिया कि उनके सुझावों की सावधानीपूर्वक जांच की जाएगी।
चुनाव आयोग ने संवैधानिक सिद्धांतों और आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन करते हुए, स्वतंत्र, निष्पक्ष, समावेशी और हिंसा-मुक्त तरीके से चुनाव कराने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। असम विधानसभा चुनाव इसी वर्ष होने वाले हैं और आयोग द्वारा आने वाले हफ्तों में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा किए जाने की उम्मीद है।

