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ECI की पहल : 85 वर्ष से अधिक वय के बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर बैठे पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा

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नई दिल्ली, 19 मार्च। पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में अगले माह प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने बुजुर्गों, दिव्यांगों (पीडब्ल्यूडी), सेवा मतदाताओं और चुनाव ड्यूटी पर तैनात मतदाताओं के लिए पोस्टल बैलेट के माध्यम से मतदान की विशेष सुविधा देने का एलान किया है।

चुनाव कार्यक्रम पहले ही घोषित

उल्लेखनीय है कि ईसीआई ने 15 मार्च को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया था। असम, केरल और पुडुचेरी में नौ अप्रैल को मतदान होगा, तमिलनाडु में 23 अप्रैल को और पश्चिम बंगाल में 23 व 29 अप्रैल को दो चरणों में वोट डाले जाएंगे। सभी चुनावों के नतीजे चार मई को आएंगे।

घर बैठे मतदान की सुविधा

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 60(सी) के तहत 85 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक और चिह्नित दिव्यांग मतदाता घर बैठे पोस्टल बैलेट से वोट डाल सकेंगे। इसके लिए उन्हें फॉर्म 12डी भरकर अधिसूचना जारी होने के पांच दिनों के भीतर आवेदन करना होगा।

बीएलओ घर पहुंचकर कराएगा मतदान

बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) या अधिकृत मतदान दल मतदाता के घर जाकर वोट एकत्र करेगा। इस प्रक्रिया में मतदान की गोपनीयता पूरी तरह सुनिश्चित की जाएगी।

सेवा मतदाताओं को भी सुविधा

यह सुविधा अग्निशमन, स्वास्थ्य, बिजली, परिवहन, एम्बुलेंस, विमानन और सरकारी सड़क परिवहन जैसी आवश्यक सेवाओं में कार्यरत सेवा मतदाताओं को भी मिलेगी। वे अपने विभाग के नोडल अधिकारी के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

चुनाव ड्यूटी कर्मियों और मीडिया को लाभ

चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी और अधिकृत मीडिया कर्मी भी अनुपस्थित मतदाताओं की श्रेणी में आते हैं और पोस्टल बैलेट सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।

ईटीपीबीएस के जरिए बैलेट भेजा जाएगा

उम्मीदवारों की सूची अंतिम होने के बाद इलेक्ट्रॉनिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट सिस्टम (ETPBS) के जरिए सेवा मतदाताओं को बैलेट भेजा जाएगा। इसमें डाक खर्च की आवश्यकता नहीं होगी और मतदाता सुविधा केंद्र पर अपना वोट जमा कर सकेगा।

4 मई तक जमा करने होंगे बैलेट

सभी पोस्टल बैलेट 4 मई 2026 को पूर्वाह्न आठ बजे तक संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के पास पहुंचना जरूरी होगा। आयोग ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को इस सुविधा की जानकारी दें, ताकि अधिक से अधिक पात्र मतदाता इसका लाभ उठा सकें।

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