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डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकी : ईरान के पास डील के लिए सिर्फ 48 घंटे, वरना उसे नरक का सामना करना पड़ेगा

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वॉशिंगटन, 4 अप्रैल। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खुली धमकी देते हुए कहा कि ईरान के पास अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने पर डील करने के लिए सिर्फ 48 घंटे बचे हैं, वरना उसे नरक का सामना करना पड़ेगा।

ट्रंप ने शनिवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “याद है, जब मैंने ईरान को ‘डील करने’ या ‘होर्मुज स्ट्रेट खोलने’ के लिए दस दिन दिए थे?” यहां वह 26 मार्च को दिए गए अपने अल्टीमेटम का ज़िक्र कर रहे थे। राष्ट्रपति ने आगे कहा, “समय तेजी से निकल रहा है, 48 घंटे बाद उन पर ‘नरक’ टूट पड़ेगा।”

उल्लेखनीय है कि गत 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका व इजराइल के हमलों के साथ शुरू हुआ यह युद्ध अब एक माह से ज्यादा पुरना हो चुका है। ईरान की जवाबी काररवाई के कारण यह संघर्ष पूरे मध्य पूर्व में फैल गया है और इसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण, जो तेल और गैस के परिवहन का एक अहम रास्ता है।

इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि यदि अमेरिका को ईरान के साथ चल रहे युद्ध के दौरान थोड़ा और समय मिल जाए तो वह आसानी से होर्मुज को फिर से खोल सकता है और तेल के पूरे प्रवाह पर नियंत्रण कर भारी मुनाफा कमा सकता है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की, ‘थोड़े और समय के साथ हम आसानी से होर्मुज को खोल सकते हैं। तेल पर कब्जा कर सकते हैं और भारी मुनाफा कमा सकते हैं। यह दुनिया के लिए एक खजाना साबित होगा।’

हालांकि, ट्रंप ने अपने इस दावे के बावजूद यह नहीं बताया कि वॉशिंगटन असल में तेहरान से इस अहम जलमार्ग का नियंत्रण कैसे हासिल करने का इरादा रखता है या उसे असल में कितना समय चाहिए।

वहीं, तेहरान ने शुक्रवार को कहा कि उसने एक F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया है। अमेरिकी मीडिया ने बताया कि अमेरिका के विशेष बलों ने विमान के दो क्रू सदस्यों में से एक को बचा लिया है जबकि दूसरा सदस्य अब भी लापता है। ईरान की सेना ने यह भी कहा कि उसने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के एक A-10 जमीनी हमलावर विमान को मार गिराया है। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, उस विमान के पायलट को बचा लिया गया है।

स्थानीय समाचार एजेंसी ‘मेहर’ ने शनिवार को कोहगिलुयेह और बोयर-अहमद प्रांत के उप-राज्यपाल फतह मोहम्मदी के हवाले से बताया कि लापता पायलट की तलाश में सेना के साथ-साथ स्थानीय लोगों और कबीलाई लड़ाकों की भी मदद ली जा रही है और यह तलाशी अभियान अब भी जारी है। उन्होंने आगे कहा, ‘कल रात, लोगों ने राइफलों से दुश्मन के हेलीकॉप्टरों पर गोलियां चलाईं और उन्हें जमीन पर उतरने नहीं दिया।’

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