वॉशिंगटन, 11 मार्च। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के अग्रणी उद्योगपतियों में शुमार मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की इन्वेस्टमेंट मदद से 50 वर्षों में एक नई ऑयल रिफाइनरी खोलने की घोषणा कर ऐतिहासिक समझौता किया है। ट्रंप ने कहा कि नई रिफाइनरी से अरबों डॉलर का आर्थिक असर होगा और इलाके में हज़ारों नौकरियाँ पैदा होंगी।
नई रिफाइनरी अमेरिकी मार्केट को फ्यूल देगी और नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करेगी
ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि नई रिफाइनरी अमेरिकी मार्केट को फ्यूल देगी और नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करेगी, साथ ही एनर्जी प्रोडक्शन को भी बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा, ‘अमेरिका रियल एनर्जी डॉमिनेंस में वापस आ रहा है! आज मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि अमेरिका फर्स्ट रिफाइनिंग, ब्राउन्सविले, टेक्सास में 50 वर्षों में पहली नई U.S. ऑयल रिफाइनरी खोल रही है। यह एक ऐतिहासिक 300 बिलियन डॉलर डील है — U.S. हिस्ट्री में सबसे बड़ी, अमेरिकन वर्कर्स, एनर्जी और साउथ टेक्सास के महान लोगों के लिए एक बड़ी जीत! इस जबर्दस्त इन्वेस्टमेंट के लिए इंडिया में हमारे पार्टनर्स और उनकी सबसे बड़ी प्राइवेट एनर्जी कम्पनी, रिलायंस को धन्यवाद।’
Donald J. Trump Truth Social 03.10.26 04:17 PM EST pic.twitter.com/gy25qWKcBV
— Commentary Donald J. Trump Posts From Truth Social (@TrumpDailyPosts) March 10, 2026
ट्रंप ने कहा, ‘यह हमारे अमेरिका फर्स्ट एजेंडा, परमिट को आसान बनाने और टैक्स कम करने की वजह से है, जिससे अरबों डॉलर की डील हमारे देश में वापस आ रही हैं। ब्राउन्सविले पोर्ट पर एक नई रिफाइनरी, U.S. मार्केट को बढ़ावा देगी, हमारी नेशनल सिक्योरिटी को मज़बूत करेगी, अमेरिकी एनर्जी प्रोडक्शन को बढ़ाएगी, अरबों डॉलर का आर्थिक असर डालेगी, और दुनिया की सबसे साफ़ रिफाइनरी होगी। यह ग्लोबल एक्सपोर्ट को बढ़ावा देगी, और उस इलाके में हज़ारों लंबे समय से रुकी हुई नौकरियाँ और ग्रोथ लाएगी जो इसके लायक है। अमेरिकन एनर्जी का दबदबा ऐसा ही दिखता है। अमेरिका फर्स्ट, हमेशा!’
यह समझौता मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच हुआ है, जो ईरान से आगे बढ़ गया है। ईरान ने मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करके जवाबी हमले किए हैं। इनमें UAE, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे पड़ोसी खाड़ी देशों में अमेरिकी मिलिट्री बेस, एम्बेसी और सिविलियन/एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया है। इस तनाव की वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में काफी रुकावट आई है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास, जहां दुनिया का लगभग 20% तेल ट्रांजिट होता है।
तेल और गैस की कीमतें जल्द ही कम हो जाएंगी – कैरोलिन लेविट
इस बीच ह्वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि तेल और गैस की कीमतें जल्द ही कम हो जाएंगी, शायद ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ शुरू होने से पहले की कीमतों से भी कम।
लेविट ने मीडिया से कहा, ‘अमेरिकी लोगों को भरोसा है, तेल और गैस की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी कुछ समय के लिए है और इस ऑपरेशन से लंबे समय में गैस की कीमतें कम होंगी। एक बार ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के नेशनल सिक्योरिटी के लक्ष्य पूरी तरह से पूरे हो जाने के बाद, अमेरिकी तेल और गैस की कीमतों में तेजी से गिरावट देखेंगे, शायद ऑपरेशन शुरू होने से पहले की तुलना में भी कम। हम एक ऐसी दुनिया में रहेंगे, जहां ईरान अब अमेरिका या हमारे साथियों को न्यूक्लियर बम से धमका नहीं सकता।’

