नई दिल्ली, 8 जून। भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि करोड़ों प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा महायुद्ध माना जाता है। ऐसे में हर फैसला, हर रन और हर विकेट चर्चा का विषय बन जाता है। इसी बीच पाकिस्तान के ऑलराउंडर खुशदिल शाह ने भारत-पाकिस्तान मुकाबलों को लेकर ऐसा बयान दिया है, जिसने क्रिकेट जगत में नई बहस छेड़ दी है। ARY पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान खुशदिल शाह ने दावा किया कि भारत-पाकिस्तान मैचों में कई बार परिस्थितियां भारतीय टीम के पक्ष में जाती दिखाई देती हैं।
उन्होंने कहा कि मुकाबले के दौरान कुछ फैसले ऐसे होते हैं जो भारत के पक्ष में नजर आते हैं, चाहे वह अंपायरिंग से जुड़े हों, आयोजन से जुड़े हों या अन्य व्यवस्थाओं से। खुशदिल ने कहा कि भारत के खिलाफ खेलने का दबाव जरूर होता है क्योंकि खिलाड़ी अपने देश का प्रतिनिधित्व कर रहे होते हैं, लेकिन मैदान पर उतरने के बाद खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब पाकिस्तान भारत को हराता है तो जीत का आनंद और भी अधिक होता है।
भारतीय दर्शकों की संख्या पर भी की टिप्पणी
पाकिस्तानी ऑलराउंडर ने कहा कि भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में दर्शकों की संख्या भी एक बड़ा फैक्टर होती है। उनके मुताबिक स्टेडियम में अक्सर 70 से 75 प्रतिशत भारतीय समर्थक मौजूद रहते हैं, जबकि पाकिस्तान के प्रशंसकों की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि भारतीय दर्शकों से उन्हें कभी नकारात्मक व्यवहार का सामना नहीं करना पड़ा और अधिकांश प्रशंसक खेल भावना का सम्मान करते हैं।
हाल के वर्षों में भारत का दबदबा
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड कायम किया है। दोनों टीमों के बीच खेले गए पिछले छह मुकाबलों में भारतीय टीम ने लगातार जीत दर्ज की है। हाल ही में 2026 ICC Men’s T20 World Cup के दौरान कोलंबो में खेले गए मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया था। इससे पहले 2025 Asia Cup में भी भारतीय टीम ने पाकिस्तान को तीन बार मात दी थी, जिसमें फाइनल मुकाबला भी शामिल था। वहीं 2025 ICC Champions Trophy में भी पाकिस्तान को भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
बयान से बढ़ी चर्चा
खुशदिल शाह का यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-पाकिस्तान मुकाबलों को लेकर हमेशा ही जबरदस्त उत्साह रहता है। उनके दावे ने क्रिकेट प्रेमियों के बीच अंपायरिंग, आयोजन और निष्पक्षता को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अंपायरिंग और मैच संचालन के लिए कड़े नियम और तकनीकी प्रणालियां लागू हैं, जिससे विवादों की गुंजाइश पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है।

