शामली, 2 जुलाई। लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पहली ही बारिश नहीं झेल सका और कुछेक जगहों पर सड़क धंसने से गड्डे उभर आए हैं। इसी क्रम में हाईवे पर एक यात्री की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसने इस घटना का वीडियो बनाकर अधिकारियों से शिकायत की है। दिलचस्प यह है कि गत 14 अप्रैल को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था।
यह मामला मेरठ-करनाल हाईवे पर स्थित खेड़ा मस्तान गांव के पास दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का है, जहां बारिश के बाद अचानक मुख्य सड़क बीच से धंस गई, जिससे वहां से गुजर रही एक यात्री की कार फंसकर क्षतिग्रस्त हो गई। पीड़ित ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया और एक्स हैंडल के माध्यम से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों से शिकायत की।
जल निकासी की गलत व्यवस्था के कारण धंसी सड़क
एक्सप्रेस-वे धंसने का मुख्य कारण जल निकासी की गलत व्यवस्था को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पानी के बहाव के लिए बनाई गई नाली मानकों के अनुरूप नहीं है। जहां पक्के लिंटर की नाली बननी चाहिए थी, वहां कंक्रीट डालकर औपचारिकता पूरी कर दी गई थी।
अब तेज बारिश में हाईवे से नीचे गिरे पानी के दबाव से नाली कट गई और यह कटान धीरे-धीरे मुख्य हाईवे तक पहुंच गया, जिससे सड़क बीच से धंस गई। इस गंभीर लापरवाही पर फिलहाल एनएचएआई का कोई भी अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहा है। हालांकि शिकायत के बाद सड़क का मरम्मत कार्य करा दिया गया है।
राकेश टिकैत ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
इस बीच बागपत में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर हो रहे गड्ढों को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता का सही तरीके से परीक्षण नहीं किया गया, जिसके कारण नई सड़कें भी खराब होने लगी हैं। उन्होंने साथ ही सीएम योगी पर हमला बोलते हुए कहा कि वह तीसरी बार मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। उन्हें यूपी से चुनाव लड़वाकर केंद्र की राजनीति में भेजने की तैयारी की जा रही है।

