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विंबलडन : गत चैम्पियन सिनर ने तोड़ी जोकोविच की चुनौती, उपाधि रक्षा के लिए रविवार को ज्वेरेव से टक्कर

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लंदन, 10 जुलाई। गत चैम्पियन व मौजूदा विश्व नंबर एक इतालवी स्टार यानिक सिनर ने शनिवार को यहां चर्च रोड स्थित ऑल इंग्लैंड टेनिस एंड क्रॉकेट क्लब की घसियाली सतह पर फिर हनक दिखाई और सात बार के पूर्व विजेता नोवाक जोकोविच को दो घंटे 20 मिनट में 6-4, 6-4, 6-4 से हराकर वर्ष के तीसरे ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट यानी विंबलडन के फाइनल में प्रवेश कर लिया।

टॉप सीड सिनर का रविवार को उपाधि रक्षा के लिए दूसरी सीड जर्मन दिग्गज एलेक्जेंडर ज्वेरेव से मुकाबला होगा। विश्व नंबर तीन ज्वेरेव ने दूसरे सेमीफाइनल में ब्रिटिश वाइल्ड कार्डधारी आर्थर फेरी को दो घंटे 14 मिनट में 7-6 (0), 6-2, 6-4 से परास्त किया। ज्वेरेव ने पिछले ही माह फ्रेंच ओपन खिताब जीता है ।

लगातार दूसरी बार यहां फाइनल में पहुंचने के बाद 24 वर्षीय सिनर ने कहा, ‘टूर्नामेंट की शुरुआत हमेशा कठिन होती है, खासकर यहां आकर मुझे लगता है कि घास की वजह से हर राउंड अलग होता है। इसमें बहुत बदलाव होता रहता है। आपको खुद को उसके अनुसार ढालना पड़ता है। मुझे मानसिक रूप से पता था कि आज मुझे अपना स्तर बढ़ाना होगा – जो मैंने कर दिखाया है – इसलिए मैं बहुत खुश हूं।’

मैच के बाद सिनर व जोकोविच गले मिले

उम्र में खुद से 15 वर्ष बड़े और 24 बार के ग्रैंड स्लैम विजेता 39 वर्षीय जोकोविच को सीधे सेटों में हराने के बाद सिनर ने ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दर्शाई और नोवाक ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी। गौर करने वाली बात तो यह है कि विश्व नंबर आठ सर्बियाई जोकोविच को पिछले वर्ष भी सेमीफाइनल में सिनर ने ही मात दी थी।

ब्रिटिश वाइल्ड कार्डधारी फेरी ने ज्वेरेव को पहले सेट में कड़ी टक्कर दी

वहीं दूसरे सेमीफाइनल की बात करें तो एटीपी रैंकिंग में 114वें क्रम पर काबिज 23 वर्षीय आर्थर फेरी ने विश्व नंबर तीन ज्वेरेव को पहले सेट में कड़ी टक्कर दी। हालांकि 29 वर्षीय ज्वेरेव ने टाईब्रेकर में फेरी को एक भी अंक नहीं लेने दिया। इसके बाद दूसरे व तीसरे सेट में फेरी ज्यादा चुनौती प्रस्तुत नहीं कर सके।

महिला एकल में आज 4 वर्षों में तीसरी चेक खिलाड़ी की ताजपोशी

इस बीच शनिवार को सेंटर कोर्ट पर महिला एकल में पिछले चार वर्षों के भीतर तीसरी बार किसी चेक खिलाड़ी की ताजपोशी होगी, जब कैरोलिना मुचोवा व लिंडा नोस्कोवा आमने-सामने होंगी। इससे पहले वर्ष 2023 में मार्केटा वोंद्रोसोवा व 2024 में बारबरा क्रेसिकोवा यहां उपाधि जीत चुकी हैं।

डब्ल्यूटीए टूर में 10वें क्रम की कैरोलिना मुचोवा की बात करें तो वह घास से एलर्जी होने के बावजूद अपने पहले विंबलडन फाइनल में पहुंची हैं। वर्ष 2023 की फ्रेंच ओपन उपजेता 29 वर्षीय मुचोवा ने दो घंटे 35 मिनट तक खिंची कश्मकश में सातवीं सीड अमेरिकी कोको गॉफ को 6-2, 1-6, 7-6 (12-10) से शिकस्त दी।

वहीं एक अन्य सेमीफाइनल में नौवीं वरीय नोस्कोवा ने 12वीं सीड यूक्रेनी मार्टा कोत्स्युक को एक घंटा 19 मिनट में 6-4, 6-4 से परास्त किया। विश्व नंबर 12 नोस्कोवा ने करिअर के पहले ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुंचने के बाद साक्षात्कार में खुलासा किया, ‘मेरे इतने सारे अंधविश्वास हैं कि मैं उनका नाम भी नहीं बता सकती।”

मुचोवा ने 2025 यूएस ओपन के तीसरे दौर में नोस्कोवा से हुई एकमात्र पिछली भिड़ंत में जीत हासिल की थी। अब यह देखना है कि इस बार बाजी किसके हाथ लगती है। वैसे 2009 में सेरेना द्वारा वीनस विलियम्स को हराने के बाद यह पहली बार होगा कि विंबलडन में महिला एकल फाइनल में एक ही देश की दो खिलाड़ी खेलेंगी।

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