भुवनेश्वर, 28 अक्टूबर। बंगाल की खाड़ी में उभरा चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ मंगलवार की रात आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और मछलीपट्टनम के बीच समुद्री तट से टकरा चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने यह जानकारी दी है।
आईएमडी के अनुसार ‘मोंथा’ की लैंडफाल प्रक्रिया तीन-चार घंटे तक चलेगी। इस दौरान हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच रहेगी। वर्तमान में चक्रवात का केंद्र मछलीपट्टनम से 120 किलोमीटर, काकीनाडा से 110 किलोमीटर और विशाखापट्टनम से 220 किलोमीटर दूर है।
ओडिशा के 8 दक्षिणी जिलों में हाई अलर्ट
भुवनेश्वर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक डॉक्टर मनोरमा मोहंती ने बताया, ‘आंध्र प्रदेश पार करने के बाद चक्रवाती तूफान के ओडिशा के दक्षिण हिस्सों तक पहुंचने की आशंका है, जिसके चलते मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर समेत आठ जिलों में रेड अलर्ट जारी है। इन जिलों में भीषण बारिश की आशंका है।’
ईस्ट कोस्ट रेलवे ने रद कीं 61 ट्रेनें, कई के रूट बदले गए
वहीं ईस्ट कोस्ट रेलवे की ओर से जारी अपडेट के अनुसार अब तक कुल 61 ट्रेनें रद की जा चुकी हैं। कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है।
आंध्र व ओडिशा सहित 6 राज्यों में एनडीआरएफ की 26 टीमें तैनात
ओडिशा में चक्रवात से संभावित प्रभावित ज़िलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाया जा रहा है। चक्रवात से बचाव के लिए आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पुडुचेरी, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु में एनडीआरएफ की 26 टीमें तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ ने कहा है कि 19 टीमों को स्टैंडबाई पर रखा गया है। इसके अलावा एसडीआरएफ की टीमें भी तैनात की गई हैं।

