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CWG 2026: विजेंद्र सिंह ने राहुल गांधी से पूछा सवाल, बोले- खिलाड़ियों की जीत पर एक बधाई संदेश भी नहीं?

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नई दिल्ली, 3 अगस्त। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मुक्केबाज विजेंद्र सिंह ने राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से सार्वजनिक बधाई संदेश नहीं आने को लेकर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि देश की खेल उपलब्धियों को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर रखा जाना चाहिए और खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाना सभी की जिम्मेदारी है।

विजेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी अक्सर देश के युवाओं की बात करते हैं, लेकिन राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के एथलीटों के शानदार प्रदर्शन के लिए आपकी ओर से अभी तक एक भी बधाई संदेश या ट्वीट नहीं आया है। जब भारत के युवा तिरंगा ऊंचा लहरा रहे हैं, तो राजनीति से ऊपर उठकर उनका मनोबल बढ़ाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

भारतीय मुक्केबाजों की जमकर की तारीफ

इससे पहले विजेंद्र सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी टीम के ऐतिहासिक प्रदर्शन की भी सराहना की थी। उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, “जिम्मेदारी सफलतापूर्वक सौंप दी गई है। सीडब्ल्यूजी 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने 7 स्वर्ण और 3 रजत सहित कुल 10 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। पूरी टीम को हार्दिक बधाई। आपकी मेहनत, जुनून और तिरंगे के प्रति सम्मान ने पूरे देश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।”

मुक्केबाजी में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजी दल ने अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 7 स्वर्ण और 3 रजत सहित कुल 10 पदक जीते। यह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में भारतीय मुक्केबाजी का सबसे सफल अभियान रहा।

लवलीना ने भी रचा इतिहास

इन खेलों में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने भी नया इतिहास रचा। वह विजेंद्र सिंह और एमसी मैरी कॉम के बाद ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल—तीनों प्रमुख प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली तीसरी भारतीय मुक्केबाज बन गईं।

चौथे स्थान पर रहा भारत

भारत ने ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुल 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य) जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। रेसलिंग, बैडमिंटन और शूटिंग जैसे खेलों के शामिल न होने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां अपने नाम कीं।

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