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लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका सहित तमाम मुद्दों को लेकर देशव्यापी आंदोलन करेगी कांग्रेस

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नई दिल्ली, 11 जून। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में गुरुवार को पार्टी के सभी महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों की अहम बैठक हुई। इंदिरा भवन में करीब तीन घंटे चली इस बैठक में मध्य प्रदेश और झारखंड के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों, लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका, महंगाई, शिक्षा और संगठनात्मक रणनीति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

एमपी व झारखंड में नामांकन से जुड़े मामलों पर केंद्र पर उठाए सवाल

कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद मीडिया कॉन्फ्रेंस में कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन केवल अदालत द्वारा भेजी गई एक नोटिस का खुलासा नहीं करने के आधार पर खारिज कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि नटराजन के खिलाफ कोई एफआईआर, आपराधिक मामला या चार्जशीट नहीं थी, इसके बावजूद उनका नामांकन रद कर दिया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।

झारखंड में भाजपा समर्थित उम्मीदवार के नामांकन पर उठे सवाल

वेणुगोपाल ने झारखंड के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा समर्थित एक कॉरपोरेट उम्मीदवार का नामांकन स्वीकार कर लिया गया जबकि नामांकन पत्र में कथित तौर पर उसका नाम तक सही तरीके से दर्ज नहीं था। कांग्रेस का आरोप है कि अलग-अलग उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

2-3 महीने में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करेगी कांग्रेस

कांग्रेस ने घोषणा की कि आने वाले दो से तीन महीनों में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर भी लोगों के मुद्दों को लेकर अभियान चलाएगी। वेणुगोपाल ने कहा कि जहां-जहां जनता कठिनाइयों का सामना कर रही है, कांग्रेस उनकी भावनाओं के साथ खड़ी होगी और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी।

TMC विलय की अटकलों को किया खारिज

कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी वेणुगोपाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी खबरें पूरी तरह निराधार और अफवाह हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के सहयोगी दलों के बीच होने वाली सामान्य राजनीतिक चर्चा का हिस्सा थी और इसका किसी विलय से कोई संबंध नहीं है।

महंगाई, NEET जैसे मुद्दों पर भी बनेगी रणनीति

कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने कहा कि जनता की समस्याओं और पीड़ा को सबसे मजबूती से कांग्रेस ने उठाया है और आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि NEET, CBSE, बढ़ती महंगाई और आम लोगों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस पूरे देश में जोरदार आवाज बुलंद करेगी। पार्टी का मानना है कि इन मुद्दों पर सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती।

देखा जाए तो मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को कांग्रेस के आगामी राजनीतिक अभियान की रूपरेखा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि लोकतंत्र, संविधान और जनहित के मुद्दों को लेकर आने वाले महीनों में उसका संघर्ष और अधिक आक्रामक होगा। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जनता के मुद्दों को केंद्र में रखकर ही विपक्ष की भूमिका को मजबूत किया जा सकता है।

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