नई दिल्ली, 11 जून। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में गुरुवार को पार्टी के सभी महासचिवों, प्रदेश प्रभारियों और प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्षों की अहम बैठक हुई। इंदिरा भवन में करीब तीन घंटे चली इस बैठक में मध्य प्रदेश और झारखंड के हालिया राजनीतिक घटनाक्रमों, लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका, महंगाई, शिक्षा और संगठनात्मक रणनीति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार और चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
आज इंदिरा भवन में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge, नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi और संगठन महासचिव श्री @kcvenugopalmp की मौजूदगी में कांग्रेस महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की महत्वपूर्ण बैठक हुई।
📍 नई दिल्ली pic.twitter.com/IUlzfZHwu5
— Congress (@INCIndia) June 11, 2026
एमपी व झारखंड में नामांकन से जुड़े मामलों पर केंद्र पर उठाए सवाल
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद मीडिया कॉन्फ्रेंस में कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन केवल अदालत द्वारा भेजी गई एक नोटिस का खुलासा नहीं करने के आधार पर खारिज कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि नटराजन के खिलाफ कोई एफआईआर, आपराधिक मामला या चार्जशीट नहीं थी, इसके बावजूद उनका नामांकन रद कर दिया गया। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
LIVE: Congress party briefing by Shri @kcvenugopalmp at AICC HQ, New Delhi https://t.co/VIaLfJ3It8
— Congress (@INCIndia) June 11, 2026
झारखंड में भाजपा समर्थित उम्मीदवार के नामांकन पर उठे सवाल
वेणुगोपाल ने झारखंड के एक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा समर्थित एक कॉरपोरेट उम्मीदवार का नामांकन स्वीकार कर लिया गया जबकि नामांकन पत्र में कथित तौर पर उसका नाम तक सही तरीके से दर्ज नहीं था। कांग्रेस का आरोप है कि अलग-अलग उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
2-3 महीने में राष्ट्रीय स्तर पर आंदोलन करेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने घोषणा की कि आने वाले दो से तीन महीनों में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। पार्टी राज्य, जिला और स्थानीय स्तर पर भी लोगों के मुद्दों को लेकर अभियान चलाएगी। वेणुगोपाल ने कहा कि जहां-जहां जनता कठिनाइयों का सामना कर रही है, कांग्रेस उनकी भावनाओं के साथ खड़ी होगी और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करेगी।
TMC विलय की अटकलों को किया खारिज
कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के संभावित विलय को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी वेणुगोपाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी खबरें पूरी तरह निराधार और अफवाह हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के सहयोगी दलों के बीच होने वाली सामान्य राजनीतिक चर्चा का हिस्सा थी और इसका किसी विलय से कोई संबंध नहीं है।
महंगाई, NEET जैसे मुद्दों पर भी बनेगी रणनीति
कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने कहा कि जनता की समस्याओं और पीड़ा को सबसे मजबूती से कांग्रेस ने उठाया है और आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि NEET, CBSE, बढ़ती महंगाई और आम लोगों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर कांग्रेस पूरे देश में जोरदार आवाज बुलंद करेगी। पार्टी का मानना है कि इन मुद्दों पर सरकार जवाबदेही से बच नहीं सकती।
A crucial meeting held at Indira Bhawan today in the presence of Congress President Shri @kharge and LoP Shri @RahulGandhi.
Congress General Secretary (Organisation) Shri @kcvenugopalmp, AICC General Secretaries, In-charges, and PCC Presidents attended the meeting.
📍New Delhi pic.twitter.com/FsyJnMtIyM
— Congress (@INCIndia) June 11, 2026
देखा जाए तो मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में हुई इस बैठक को कांग्रेस के आगामी राजनीतिक अभियान की रूपरेखा तय करने वाली महत्वपूर्ण बैठक माना जा रहा है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि लोकतंत्र, संविधान और जनहित के मुद्दों को लेकर आने वाले महीनों में उसका संघर्ष और अधिक आक्रामक होगा। कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि जनता के मुद्दों को केंद्र में रखकर ही विपक्ष की भूमिका को मजबूत किया जा सकता है।

