नई दिल्ली, 21 अप्रैल। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को विशेषाधिकार हनन की नोटिस दी और आरोप लगाया कि सदन में महिला आरक्षण से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने के बाद पीएम मोदी राष्ट्र के नाम संबोधन में विपक्षी दलों पर निशाना साधा, जो सदन के विशेषाधिकार का उल्लंघन और अवमानना का गंभीर मामला है।
वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष को दी नोटिस
कांग्रेस पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बिरला को दी गई नोटिस में यह आग्रह किया कि संसद की गरिमा और इसके सदस्यों को प्रदत्त संवैधानिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए तत्काल और निर्णायक कदम उठाया जाए, ताकि इस तरह के उल्लंघन को न तो नजरअंदाज किया जाए और न ही दोहराया जाए।
कांग्रेस सांसद ने नोटिस में किया दावा
लोकसभा सदस्य वेणुगोपाल ने दावा किया कि गत 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित नहीं होने के अगले दिन यानी 18 अप्रैल, 2026 को प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर राष्ट्र को संबोधित किया था। 29 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने विधेयक को रोकने के लिए विपक्षी दलों की आलोचना की और विपक्ष के सदस्यों के मतदान के तरीके का प्रत्यक्ष रूप से उल्लेख किया और इसमें निहित उद्देश्यों को जोड़ दिया।
सत्ता का खुला दुरुपयोग है पीएम मोदी का ये संबोधन
वेणुगोपाल ने कहा, ‘सबसे पहले देश के प्रधानमंत्री राष्ट्रीय चिंता के एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित करते हैं। इसलिए, प्रधानमंत्री के ऐसे संबोधन बहुत कम होते हैं। सरकार द्वारा संसद में अपेक्षित बहुमत न जुटा पाने और विपक्षी दलों की आलोचना करने पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्र को संबोधित करना अभूतपूर्व है, जो अनैतिक और सत्ता का खुला दुरुपयोग है। देश के प्रधानमंत्री द्वारा इस तरह के बयान दिया जाना सदन के विशेषाधिकार का हनन और अवमानना का गंभीर मामला है।’
..ताकि पीएम मोदी के खिलाफ शुरू हो सके कार्यवाही
उन्होंने कहा, ‘मैं विशेषाधिकार हनन की यह नोटिस आपको (माननीय अध्यक्ष को) सौंपता हूं, ताकि इस गंभीर घटना और जान बूझकर किए गए विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का संज्ञान लिया जा सके तथा मामले को विस्तृत जांच के लिए लोकसभा की विशेषाधिकार समिति को भेजा जा सके ताकि प्रधानमंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार कार्यवाही शुरू की जा सके।’
कांग्रेस महासचिव ने लोकसभा अध्यक्ष से किया आग्रह
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया जाना चाहिए क्योंकि एक निर्वाचित प्रतिनिधि पर अपना कर्तव्य निभाने को लेकर सवाल उठाया जाना न केवल एक व्यक्तिगत हमला है, बल्कि संसद के अधिकार और भारत के लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने आग्रह किया कि आप (बिरला) संसद की गरिमा और इसके सदस्यों को दी गई संवैधानिक सुरक्षा को बनाए रखने के लिए तत्काल और निर्णायक कदम उठाएं, ताकि इस तरह के उल्लंघनों को न तो नजरअंदाज किया जाए और न ही दोहराया जाए।

