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पीएम मोदी के इंटरव्यू पर कांग्रेस का वार- ‘ये स्क्रिप्टेड है… प्रधानमंत्री झुके भी हैं और थके भी हैं’

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नई दिल्ली, 15 फरवरी। कांग्रेस ने रविवार को समाचार एजेंसी PTI को दिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे ‘बहुत सोच-समझकर लिखी गई व हताशा में की गई PR एक्सरसाइज’ बताया। साथ ही आरोप लगाया कि इस इंटरव्यू का मकसद जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाना था। पार्टी नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह इंटरव्यू आम बजट की आलोचना और संसद में सरकार पर विपक्ष के हमले से ध्यान भटकाने के लिए लिया गया था।

पीएम को इस इंटरव्यू की जरूरत क्यों पड़ी

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ‘पीएम जानते हैं कि इस वर्ष का बजट एक बेकार बजट रहा है और इसमें दिमागी थकान के सारे निशान दिख रहे हैं। मार्केट ने नेगेटिव रिएक्ट किया है और इन्वेस्टर इम्प्रेस नहीं हुए हैं। इसलिए, उन्हें बजट पेश होने के दो सप्ताह बाद और पार्लियामेंट में विपक्ष द्वारा इसकी बुराई किए जाने के कुछ दिनों बाद इंटरव्यू देने की जरूरत महसूस हुई। हमेशा की तरह, मोदी-स्टाइल वन-लाइनर्स हैं, जिनका असल में कोई मतलब नहीं है।

मीडिया आउटरीच के जरिए नैरेटिव बदलने की कोशिश कर रहे यह आरोप लगाते हुए कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील और किसानों के मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री पर दबाव है, रमेश ने कहा कि पीएम मोदी मीडिया आउटरीच के जरिए नैरेटिव बदलने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा कि ट्रेड डील पर अमेरिका के सामने सरेंडर करने की वजह से घिरे और हमले का सामना कर रहे प्रधानमंत्री अब हेडलाइन मैनेजमेंट के अपने पसंदीदा तरीके का सहारा ले रहे हैं।उन्होंने आगे कहा कि वह लाखों किसानों के साथ अपने धोखे और दूसरे सरेंडर से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका तथाकथित इंटरव्यू कोई इंटरव्यू नहीं है, बल्कि एक सोच-समझकर लिखी गई और हताशा में की गई PR एक्सरसाइज है। जयराम रमेश ने लिखा कि प्रधानमंत्री झुके भी हैं, थके भी हैं।

पीएम ने इंटरव्यू में क्या कहा?

उल्लेखनीय है कि पीएम मोदी ने इंटरव्यू में कहा कि प्राइवेट सेक्टर भारत के आर्थिक बदलाव के अगले फेज को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सुधार उनकी सरकार का ‘पूरी तरह से’ एक मुख्य कमिटमेंट रहा है। उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत’ की ओर अगला कदम इंडस्ट्री द्वारा इनोवेशन, लॉन्ग-टर्म कैपेसिटी और ग्लोबल कॉम्पिटिटिवनेस में बड़े इन्वेस्टमेंट पर निर्भर करेगा।

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प्रधानमंत्री ने कहा कि लेटेस्ट यूनियन बजट मजबूरी में पैदा हुआ ‘अभी नहीं तो कभी नहीं’ वाला पल नहीं था, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से पैदा हुआ ‘हम तैयार हैं’ वाला पल था। उन्होंने कहा कि यह भारत की एक विकसित देश बनने की ‘तड़प’ को दिखाता है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का कोई भी बजट रूटीन ‘बही खाता’ डॉक्यूमेंट बनाने के नजरिए से तैयार नहीं किया गया था।

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