नई दिल्ली/चेन्नई, 6 मई। दक्षिण राज्य तमिलनाडु में एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत कांग्रेस ने धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए प्रख्यात सिने स्टार थलपति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को समर्थन देने का एलान कर दिया है। मीडिया की खबरों के अनुसार TVK को समर्थन देने का फैसला मंगलवार देर रात तमिलनाडु कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति (PAC) की एक आपात बैठक में लिया गया।
कांग्रेस के तमिलनाडु मामलों के एआईसीसी प्रभारी गिरीश चोडनकर ने टीवीके को समर्थन देने पर फैसला करने के लिए कमिटी की बैठक बुलाई थी। सूत्रों ने बताया कि बैठक जूम पर हुई थी और सीनियर सदस्यों ने एक्टर से नेता बने विजय को समर्थन देने के पक्ष में अपनी राय दी, जिनकी पार्टी ने अपने पहले ही चुनाव में इतिहास रच दिया है।
सूत्रों ने पुष्टि की कि तमिलनाडु कांग्रेस की पीएसी ने एकमत से टीवीके नेता थिरु विजय को तमिलनाडु में सेक्युलर सरकार बनाने के लिए सपोर्ट देने का फैसला किया। इससे पहले दिन में कांग्रेस ने दावा किया कि विजय ने राज्य में सरकार बनाने के लिए उसका समर्थन मांगा था और बताया कि उनकी लीडरशिप ने राज्य यूनिट को राज्य की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस मामले पर आखिरी फैसला लेने का निर्देश दिया है।
डीएमके के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ने वाली पार्टी ने कहा कि दक्षिणी राज्य में सेक्युलर सरकार के लिए जनादेश है और वह किसी भी तरह से भाजपा और उसके प्रॉक्सी को तमिलनाडु की सरकार चलाने नहीं देना चाहती।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस के बड़े नेताओं ने मंगलवार शाम को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर पर एक मीटिंग की, जिसमें लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और तमिलनाडु के प्रभारी गिरीश चोडांकर समेत दूसरे लोग शामिल हुए।
TVK President Thiru Vijay has requested the Indian National Congress for support to form a Government in Tamil Nadu. He has spoken about drawing inspiration from Perumthalaivar Kamaraj as well, in his political mission.
The INC is clear that the mandate in Tamil Nadu is for a… pic.twitter.com/OJXBA2Rb3k
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) May 5, 2026
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी लीडरशिप ने दक्षिणी राज्य में चुनाव के बाद के हालात पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘टीवीके प्रेसिडेंट थिरु विजय ने तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस से समर्थन मांगा है।’
दरअसल, कांग्रेस का साफ मानना है कि तमिलनाडु में एक सेक्युलर सरकार के लिए जनादेश है, जो संविधान की पूरी तरह से रक्षा करने के लिए कमिटेड है। कांग्रेस का पक्का इरादा है कि भाजपा और उसके एजेंट किसी भी तरह से तमिलनाडु की सरकार न चलाएं। वेणुगोपाल ने यह भी कहा कि कांग्रेस लीडरशिप ने तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (TNCC) को चुनावी नतीजों में राज्य की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए थिरु विजय की आग्राह पर आखिरी फैसला लेने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस ने समर्थन पर शर्त भी रखी
हालांकि कांग्रेस ने टीवीके को समर्थन देने के साथ एक शर्त भी रखी है। कांग्रेस ने कहा है कि उसका समर्थन तभी तक रहेगा, जब तक टीवीके किसी भी सांप्रदायिक ताकत को अपने गठबंधन में शामिल नहीं करेगी। पार्टी ने साफ किया कि गठबंधन संविधान में विश्वास रखने वाले दलों के साथ ही होगा। कांग्रेस ने यह भी कहा कि यह गठबंधन सामाजिक न्याय और संविधान के मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम करेगा, जिसमें पेरियार और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचार शामिल हैं।
थिरु विजय ने शुभकामनाओं के लिए राहुल गांधी को दिया धन्यवाद
इससे पहले टीवीके चीफ विजय ने एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी को धन्यवाद दिया और लिखा, ‘लोकसभा में विपक्ष के नेता को कॉल और शुभकामनाओं के लिए मेरा दिल से धन्यवाद। हम पब्लिक सर्विस में बेहतरीन काम करने और अपने राज्य के कल्चरल माहौल को बनाए रखने के लिए कमिटेड रहेंगे, जिसके लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। पॉलिटिक्स से परे हम तमिलनाडु के लोगों की भलाई को प्राथमिकता देंगे।’
My sincere thanks to the Honorable Leader of the Opposition in the Lok Sabha for the call and kind wishes! We shall remain committed to excellence in public service, and preserving the cultural ethos of our state which requires collective cooperation. Beyond politics, we shall… https://t.co/dohAfUSq0e
— TVK Vijay (@TVKVijayHQ) May 5, 2026
तमिलनाडु चुनाव परिणाम पर एक नजर
उल्लेखनीय है कि विजय की पार्टी टीवीके ने 234 सीटों वाली विधानसभा के चुनाव में बीते सोमवार को घोषित परिणाम में 108 सीटें जीती हैं, जो आधे से तनिक कम है। टीवीके को सामान्य बहुमत वाली सरकार बनाने के लिए 10 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। कांग्रेस ने पांच सीटें जीती हैं जबकि पट्टाली मक्कल काची (PMK) को चार सीटें मिली हैं। सीपीआई और सीपीआई-एम (CPI-M) को दो-दो सीटें मिली हैं।
वहीं सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने 59 सीटें जीती हैं और मुख्य प्रतिद्वंद्वी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) ने 47 सीटें जीती हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP), देसिया मुरपोक्कु द्रविड़ कड़गम (DMDK) व अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) को एक-एक सीटे मिली जीती जबकि वीसीके ने दो सीटें जीती हैं।
नाराज डीएमके ने कहा – कांग्रेस ने पीठ में छुरा घोंपा
दिलचस्प यह है कि कांग्रेस ने डीएमके के साथ चुनाव-पूर्व गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ा था जबकि भाजपा का एआईएडीएमके के साथ गठबंधन था। अब टीवीके को कांग्रेस के समर्थन पर डीएमके ने यह कहते हुए नाराजगी जताई है और इसे कांग्रेस का ‘पीठ में छुरा घोंपना’ बताया है।

