मुंबई, 8 जनवरी। अमेरिका की नई टैरिफ नीतियों को लेकर उपजी चिंता, भू-राजनीतिक तनावों में बढ़ोतरी और वैश्विक बाजारों में व्यापक बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार गुरुवार को धड़ाम हो गया और लगातार चौथे कारोबारी सत्र में दोनों बेंचमार्क इंडेक्स बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए।
इस क्रम में बीएसई सेंसेक्स 780 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी 264 अंकों के बड़े नुकसान से 25,900 के नीचे जा खिसका। शेयर बाजार के विश्लेषकों के अनुसार सूचना प्रौद्योगिकी (IT), धातु, तेल एवं गैस और जिंस शेयरों में भारी बिकवाली और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की निरंतर निकासी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500% तक लग सकता है शुल्क
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ऐसे प्रतिबंधात्मक विधेयक का समर्थन किए जाने से निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाया जा सकता है। इस विधेयक को पेश करने की तैयारी में जुटे सीनेटर लिंडसी ग्राहम ने कहा है कि इससे अमेरिका को चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों पर सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद करने का दबाव बनाने के लिए जबर्दस्त ताकत मिलेगी।
सेंसेक्स 0.92 प्रतिशत लुढ़ककर 84,180.96 अंक पर बंद
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 780.18 अंक यानी 0.92 प्रतिशत लुढ़ककर 84,180.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 851.04 अंक तक गिरकर 84,110.10 के स्तर तक आ गया था। सेंसेक्स से संबद्ध कम्पनियों में सिर्फ चार के शेयर मजूबत रहे और शेष 26 में गिरावट रही।
निफ्टी 263.90 अंक टूटकर 25,876.85 पर बंद
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 263.90 अंक यानी 1.01 प्रतिशत टूटकर 25,876.85 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी से संबद्ध कम्पनियों में सात के शेयर हरे निशान पर रुके जबकि 43 में कमजोरी दिखी।
मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में ज्यादा बड़ी गिरावट
व्यापक बाजार में और बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब दो फीसदी टूटकर बंद हुए। सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए। मेटल, ऑयल एंड गैस, पावर, पीएसयू बैंक और कैपिटल गुड्स सेक्टर में दो से तीन फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। लगभग सभी सेक्टरों में व्यापक बिकवाली का माहौल बना रहा।
निवेशकों के 7.83 लाख करोड़ रुपये डूबे
बीएसई में लिस्टेड कम्पनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन एक ही सत्र में गिरकर 472.11 लाख करोड़ रुपये पर आ गया, जो पिछले कारोबारी दिन 479.94 लाख करोड़ रुपये रहा था। इस तरह बीएसई में लिस्टेड कम्पनियों का मार्केट कैप करीब 7.1 लाख करोड़ रुपये घटा। दूसरे शब्दों में कहें तो निवेशकों की संपत्ति में करीब 7.1 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
लार्सन एंड टुब्रो के स्टॉक ने सबसे ज्यादा 3.35% की गिरावट देखी
सेंसेक्स के समूह में शामिल कम्पनियों में से लार्सन एंड टुब्रो के स्टॉक ने सबसे ज्यादा 3.35 फीसदी की गिरावट देखी। टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और ट्रेंट भी प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं। इसके विपरीत इटर्नल, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
FII ने 1,527.71 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को 1,527.71 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की। वहीं अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.75 प्रतिशत बढ़कर 60.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

