कोलकाता, 3 अगस्त। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जान को खतरे की जानकारी सामने आने के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी अब बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल करेंगे। पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह फैसला दो संदिग्धों की गिरफ्तारी और जांच में सामने आए सुरक्षा संबंधी इनपुट के बाद लिया गया है। एसटीएफ ने हाल ही में जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़े हमीम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, दोनों के संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-अपराधी समूह शहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) से भी होने की जानकारी सामने आई है।
सीएम की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज बरामद
एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, हमीम मंडल को शुक्रवार सुबह पूर्वी बर्दवान जिले के बर्दवान शहर से गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के रोजाना के कार्यक्रमों और आवाजाही से संबंधित कुछ दस्तावेज मिलने का दावा किया गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। सूत्रों के अनुसार, सुवेंदु अधिकारी ने रविवार शाम से बुलेटप्रूफ वाहन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। उन्होंने पूर्वी मिदनापुर जिले के कांथी स्थित अपने पैतृक घर से कोलकाता तक की यात्रा भी इसी गाड़ी से की।
पहले से काफिले में शामिल थी बुलेटप्रूफ गाड़ी
राज्य पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, विधानसभा चुनाव के बाद जब सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने थे, तभी उनके काफिले में बुलेटप्रूफ वाहन शामिल कर लिया गया था। हालांकि, मुख्यमंत्री आम यात्राओं के दौरान लोगों से सीधे मिलने-जुलने में सहज महसूस करते थे, इसलिए वह इसका नियमित इस्तेमाल नहीं करते थे। अधिकारी ने बताया कि मौजूदा सुरक्षा हालात और खतरे के स्तर को देखते हुए अब उन्हें बुलेटप्रूफ गाड़ी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
करीबी सहयोगी की हत्या के बाद बढ़ी थी चिंता
गौरतलब है कि 6 मई को मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने पहले उनकी गाड़ी का रास्ता रोका और फिर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने नजदीक से गोलीबारी की, जिसमें चंद्रनाथ रथ की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें केवल बुलेटप्रूफ वाहन में यात्रा करने की सलाह दी थी। हालांकि, रविवार तक मुख्यमंत्री ने इसका इस्तेमाल शुरू नहीं किया था।

