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I-PAC छापेमारी केस में सीएम ममता बनर्जी को झटका – सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल सरकार को जारी की नोटिस

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नई दिल्ली, 15 जनवरी। राजनीतिक परामर्श फर्म I-PAC (Indian Political Action Committee) के कार्यालय व इसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर विगत दिनों प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी से उभरे विवाद पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को तगड़ा झटका लगा, जब गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए बंगाल सरकार को नोटिस जारी कर दी और ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर पर रोक लगा दी है, जो जांच करने के लिए आई-पैक में गए थे।

शीर्ष अदालत ने ED अधिकारियों के खिलाफ FIR पर रोक भी लगा दी

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी की याचिका पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्य प्रशासन के अन्य अधिकारियों को, जिनमें डीजीपी, पुलिस कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर शामिल हैं, नोटिस जारी की है। ईडी ने आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री और राज्य के अधिकारियों ने आई-पैक के परिसर में उसकी जांच में जबर्दस्ती दखल दिया और बाधा पहुंचाई।

दो हफ्ते के अंदर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश

जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्र और विपुल पंचोली की बेंच ने कहा, ‘प्रतिवादियों को नोटिस जारी करें। दो हफ्ते के अंदर जवाबी हलफनामा दाखिल किया जाए। मामले की अगली सुनवाई तीन फरवरी, 2026 को होगी। इस बीच यह निर्देश दिया जाता है कि प्रतिवादी (पश्चिम बंगाल सरकार) आई-पैक में लगे सीसीटीवी कैमरों और आस-पास के इलाकों की फुटेज वाले अन्य कैमरों को सुरक्षित रखे।’

मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी

सुप्रीम कोर्ट में ईडी की याचिका गत आठ जनवरी की घटनाओं के बाद आई है, जब एजेंसी ने कई करोड़ रुपये के कथित कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत कोलकाता में I-PAC और जैन के परिसरों पर तलाशी ली थी। तलाशी अभियान के दौरान, सीएम ममता बनर्जी वरिष्ठ टीएमसी नेताओं के साथ I-PAC कार्यालय पहुंचीं, ईडी अधिकारियों का सामना किया और कथित तौर पर परिसर से डॉक्यूमेंट्स उठा ले गईं।

वहीं मुख्यमंत्री ममता ने केंद्रीय एजेंसी पर अपनी हद पार करने का आरोप लगाया है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने भी जांच एजेंसी के अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। टीएमसी ने ईडी के बाधा डालने के आरोप से इनकार किया है। उसने आगे आरोप लगाया है कि पार्टी के चुनाव सलाहकार I-PAC के खिलाफ ईडी की काररवाई का मकसद गोपनीय चुनाव रणनीति सामग्री तक पहुंचना था।

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