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मणिपुर हिंसा में 60 लोगों की मौत पर बोले सीएम बीरेन सिंह – जिम्मेदारी तय करने के लिए करेंगे उच्चस्तरीय जांच

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इंफाल, 8 मई। पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जातीय हिंसा में मरने वालों की संख्या 60 तक पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने सोमवार को कहा कि हिंसा भड़काने वाले व्यक्तियों/समूहों और सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए एक उच्चस्तरीय जांच की जाएगी। उन्होंने साथ ही लोगों से गलत सूचना और अफवाहें न फैलाने की अपील की।

एन. बीरेन सिंह ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा. ‘गत तीन मई की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में लगभग 60 निर्दोष लोगों की जान चली गई है। 231 लोगों को चोटें आईं और लगभग 1700 घर जल गए। हिंसा के दौरान अब तक 1,593 छात्रों सहित 35,655 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मैं लोगों से राज्य में शांति लाने की अपील करता हूं।’

सीएम ने कहा कि मणिपुर में विभिन्न स्थानों पर फंसे सभी लोगों को सुरक्षित स्थानों और आश्रय शिविरों में सर्वोत्तम संभव देखभाल और सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक, 20,000 फंसे हुए लोगों को निकाला गया है। लगभग 10,000 लोग फंसे हुए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय बलों की कई कम्पनियों को भेजा है।’

गौरतलब है कि पिछले बुधवार को चुराचांदपुर जिले में मेइती और आदिवासियों के बीच झड़प हुई थी। मणिपुर उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को एसटी दर्जे की मेइती समुदाय की मांग पर चार सप्ताह के भीतर केंद्र को एक सिफारिश भेजने का निर्देश दिया था। इसके बाद से ही आदिवासी समुदाय मेइती के लिए आरक्षण का विरोध कर रहे हैं।

ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर द्वारा आयोजित ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के दौरान मणिपुर में हिंसा भड़क उठी। यह मार्च 19 अप्रैल को मणिपुर उच्च न्यायालय के फैसले के जवाब में आयोजित किया गया था, जिसमें राज्य की मेइती आबादी को अनुसूचित जनजाति (एसटी) श्रेणी के तहत शामिल करने का आह्वान किया गया था।

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