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CJP प्रमुख अभिजीत दिपके का सनसनीखेज खुलासा- भाजपा में शामिल होने के लिए मिला था ‘धमकी भरा प्रस्ताव’

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छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र), 30 जुलाई। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सफल विरोध प्रदर्शन के बाद शहर लौटे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को गुरुवार को सनसनीखेज खुलासा किया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन्होंने अपनी पार्टी में शामिल होने का ‘धमकी भरा प्रस्ताव’ दिया था। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता और व्यापारिक सहयोगियों को जान से मारने की धमकियां भी दी गई थीं।

मुद्दा अब सिर्फ विरोध प्रदर्शन या विपक्ष का नहीं, लोकतंत्र खतरे में है

दिपके ने भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगाते हुए कहा, ‘मुद्दा अब सिर्फ विरोध प्रदर्शन या विपक्ष का नहीं रह गया है। लोकतंत्र खतरे में है। यदि कोई सरकारी जांच एजेंसियों की काररवाई देखे तो हकीकत साफ हो जाती है। राज्य के भीतर शिवसेना और एनसीपी का टूटना भी ध्यान देने योग्य बड़ी घटनाएं हैं. इन घटनाक्रमों के खिलाफ सभी का एकजुट होना और आवाज उठाना बेहद जरूरी है।’

बाबा रामदेव और कंगना रनौत पर पलटवार

विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘जेन जी’ (आज की युवा पीढ़ी) द्वारा संस्कृति को धूमिल करने के योग गुरु बाबा रामदेव के आरोप पर भी दिपके ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘बाबा रामदेव को अपने पतंजलि उत्पादों पर ध्यान देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई है। जेन जी अब देश के मामलों को संभालने में सक्षम है।’

भाजपा सांसद कंगना रनौत के Gen Z के लिए दिए गए बयानों के बारे में दिपके ने कहा कि यह 18 से 22 साल के युवाओं का समूह है, जो भविष्य के मतदाता हैं। ये सामान्य परिवारों के बच्चे हैं। उनकी आलोचना करके क्या हासिल होगा?

दिपके ने सवाल उठाया – “क्या हमने लोकतंत्र के लिए लड़कर संस्कृति को धूमिल किया? क्या ‘जय भीम’ के नारे लगाना या डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर और महात्मा गांधी की तस्वीरों के साथ मार्च करना संस्कृति को धूमिल करना माना जाता है?” उन्होंने रामदेव पर तंज कसते हुए कहा- “अगर ऐसा है, तो हां, हम इसे धूमिल कर रहे हैं.”

संयुक्त किसान मोर्चा के साथ हाथ मिलाया

किसान मोर्चा के नेता राकेश टिकैत से मुलाकात के संबंध में दिपके ने कहा, ‘हम किसानों के बच्चे हैं, इसलिए वह हमारे संघर्ष का समर्थन करते हैं। इसलिए, जब भी जरूरत होगी, कॉकरोच जनता पार्टी किसानों के साथ खड़ी रहेगी।’

गृह मंत्री अमित शाह पर भी साधा निशाना

आंदोलन के दौरान सीजेपी को विदेश से फंड मिलने के आरोप लगाए गए थेए। इस सवाल के जवाब में अभिजीत ने गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए कहा- ‘अगर ऐसा है तो यह गृह मंत्री की नाकामी है। यदि विदेश से ऐसा फंड आ रहा है तो यह आपकी अक्षमता को दिखाता है। वर्तमान शिक्षा मंत्री बिलकिस बानो मामले के दोषियों का सम्मान करते हैं। यह सरकार हत्यारों और बलात्कारियों का समर्थन करती है।’

..तो पुलिस को खाकी पतलून या शॉर्ट्स पहन लेनी चाहिए

जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान कुछ कथित पुलिसवालों को बिना वर्दी के देखा गया, जो छात्रों पर बेरहमी से लाठीचार्ज कर रहे थे। इस सवाल पर दिपके ने कहा, “हमारे आंदोलन के दौरान कई वीडियो सामने आए। यदि पुलिस को रिकॉर्ड होने का डर है तो उन्हें ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए, जिससे ऐसा डर पैदा हो। पुलिस को संविधान का पालन करना चाहिए। यदि वे संविधान के बजाय भाजपा के आदेशों का पालन करना पसंद करते हैं तो उन्हें खाकी पतलून या शॉर्ट्स पहन लेनी चाहिए और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय के बाहर खड़े होकर ‘मैं भी चौकीदार’ के नारे लगाने चाहिए।”

पत्थरों से भरा ट्रक पहले ही लाया जा चुका था

दिपके ने एक और खुलासा करते हुए कहा, ‘दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान, 20 तारीख की रात को ही वहां पत्थरों से भरा एक ट्रक खड़ा कर दिया गया था। घटना स्थल पर एक क्षतिग्रस्त गाड़ी भी रखी गई थी। मैंने तुरंत इस जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा किया। इसके अलावा, जब मैंने पुलिस से इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने दावा किया कि यह लोक निर्माण विभाग का है। मैंने पहले ही चेतावनी दी थी कि भाजपा के गुंडे आएंगे, पुलिस पर पथराव करेंगे और फिर इसका दोष छात्रों पर मढ़ देंगे। केवल यही प्रदर्शन नहीं, किसानों के आंदोलन को भी इसी तरह कुचलने का प्रयास किया गया था।’

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