तेहरान/वाशिंगटन, 13 फरवरी। मध्य पूर्व में जारी युद्ध के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई के हालिया बयान ने न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बल्कि खुद ईरान के भीतर भी एक नई बहस और असंतोष को जन्म दे दिया है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को “बेजोड़” बताते हुए कड़ा रुख अपनाया है।
- मोजतबा ख़ामेनेई का बयान और जनता का आक्रोश
ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा ख़ामेनेई ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि, ईरान मारे गए ईरानियों के खून का बदला लेने से जरा भी नहीं हिचकिचाएगा।” मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान में सरकार द्वारा लगाए गए इंटरनेट शटडाउन के बावजूद कुछ नागरिकों से संपर्क हो पाया है, जिन्होंने इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान के एक 30 वर्षीय युवक ने इसे एक ‘भड़काऊ बयान’ बताया और कहा कि यह दर्शाता है कि शासन के भीतर से सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है। करज शहर के एक नागरिक ने अत्यंत कड़े शब्दों में मोजतबा की आलोचना करते हुए उनकी तुलना उनके पिता (अली ख़ामेनेई) से की।
- डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी : आतंक और नफरत की भारी कीमत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियानों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा है कि हालात बहुत तेजी से बदल रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना वर्तमान में जिस तरह का ऑपरेशन चला रही है, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। ट्रंप ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्रवाई बहुत पहले की जानी चाहिए थी, जिसे पिछले 47 वर्षों में किसी ने नहीं किया।
ईरान पर प्रहार : ट्रंप ने ईरान को ‘आतंक और नफरत से भरा देश’ करार देते हुए कहा कि वह अपनी हरकतों की “भारी कीमत चुका रहा है।”
- युद्ध का क्षेत्रीय प्रभाव और ऊर्जा संकट
यह राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में हो रही है जब सऊदी अरब और यूएई लगातार ईरानी मिसाइलों और ड्रोनों को इंटरसेप्ट कर रहे हैं। इस युद्ध के कारण वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है।

