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उत्तराखंड : चमोली प्रशासन हाई अलर्ट पर, नंदा देवी वन में लगी आग पर काबू पाने के लिए हेलीकॉप्टर तैनात

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चमोली, 15 जनवरी। उत्तराखंड के चमोली जिले में नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के गोविंदघाट रेंज में अलकनंदा और लक्ष्मण गंगा नदियों के बीच स्थित पथरीले इलाके में जंगल में आग लगने के बाद जिला प्रशासन को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है। इसके साथ ही क्षेत्र की दुर्गमता को देखते हुए हेलीकॉप्टर का उपयोग करके हवाई टोही और अग्निशमन के लिए एक योजना तैयार की गई है।

फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब पूरी तरह सुरक्षित

जिला मजिस्ट्रेट गौरव कुमार की पहल पर हेलीकॉप्टर से सर्वेक्षण की अनुमति दे दी गई है। सर्वेक्षण के बाद, डीएफओ सर्वेश दुबे ने बताया कि फूलों की घाटी और हेमकुंड साहिब पूरी तरह सुरक्षित हैं।

हेलीकॉप्टर और ड्रोन की निगरानी की मदद से आग बुझाने का काम जारी

उत्तराखंड सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) के अनुसार, जमीनी टीमें हेलीकॉप्टर और ड्रोन की निगरानी की मदद से आग बुझाने का काम कर रही हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा गया कि चमोली जिले के नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के गोविंदघाट रेंज में लगी जंगल की आग को बुझाने के प्रयास जारी हैं। साथ ही, प्रभावित क्षेत्र की निगरानी और सर्वेक्षण के लिए हेलीकॉप्टर और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

वायु सेना ने भी आग से निबटने के लिए काररवाई की

इससे पहले गुरुवार सुबह भारतीय वायु सेना (आईएएफ) ने उत्तराखंड के नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व क्षेत्र में लगी जंगल की आग से निबटने के लिए काररवाई की। केंद्रीय वायु कमान (सीएसी) के अनुसार, राज्य सरकार के अनुरोध पर जोशीमठ में अग्निशमन कार्य के लिए भारतीय वायु सेना का एक Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर तैनात किया गया था।

भारतीय वायु सेना की सीएसी की आधिकारिक एक्स पोस्ट में कहा गया है, ‘उत्तराखंड के नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व क्षेत्र में लगी जंगल की आग से निबटने के लिए @IAF_MCC ने तेजी से प्रतिक्रिया दी, जिससे एक बार फिर भारतीय वायु सेना की परिचालन तत्परता का प्रदर्शन हुआ।’

दरअसल, राज्य सरकार की मांग को पूरा करने के लिए केंद्रीय वायु कमान से भारतीय वायु सेना के Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर को जोशीमठ में आग बुझाने के लिए तैनात किया गया था। इस प्रतिक्रिया ने एक बार फिर रक्षा और आपदा राहत में भारतीय वायु सेना की दोहरी भूमिका को उजागर किया।

नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व हिमालय के ऊपरी क्षेत्रों में स्थित एक शानदार वन्य क्षेत्र

उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ‘नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व, जिसे नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भी जाना जाता है, हिमालय के ऊपरी क्षेत्रों में स्थित एक शानदार वन्य क्षेत्र है।’ नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व और फूलों की घाटी, दोनों ही प्रतिष्ठित यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं। नंदा देवी शिखर की देखरेख में स्थित यह ऊबड़-खाबड़ और मनोरम अभ्यारण्य उत्तराखंड के तीन जिलों, अर्थात् चमोली, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में फैला हुआ है।

आधिकारिक वेबसाइट पर बताया गया है – यहां दो प्रमुख क्षेत्र हैं, जिनका नाम नंदा देवी राष्ट्रीय उद्यान और फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान है। इन पार्कों की सुंदरता को और भी बढ़ाती हैं – अलकनंदा नदी और उसकी सहायक नदियां, जिनमें ऋषि गंगा, धौली गंगा, पुष्पावती और खीरो गंगा शामिल हैं, जो इस क्षेत्र को पार करती हैं। नंदा देवी के अलावा, इस अभ्यारण्य में त्रिशूल, दुनागिरी, कलंका और नंदा घुंटी सहित कई चोटियां भी स्थित हैं।

असाधारण जैव विविधता के साथ, यह अभ्यारण्य विश्व स्तर पर संकटग्रस्त प्रजातियों की महत्वपूर्ण आबादी का समर्थन करता है, जिनमें हिम तेंदुआ, हिमालयी कस्तूरी मृग और कई प्रकार की वनस्पतियां शामिल हैं। यह एशियाई काले भालू, हिमालयी भूरे भालू, भरल और हिमालयी तहर का भी घर है। यह एक प्रमुख पक्षी-दर्शन क्षेत्र भी है। इन पार्कों के छोटे-छोटे हिस्सों में सामुदायिक पर्यावरण पर्यटन को छोड़कर, यह क्षेत्र रखरखाव के लिए एक नियंत्रण स्थल के रूप में कार्य करता है।

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