नई दिल्ली, 15 मार्च। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने रविवार को जानकारी दी कि देश में घरेलू एलपीजी रिफिल बुकिंग में गिरावट आई है और यह अब लगभग 77 लाख पर पहुंच गई है जबकि 13 मार्च को यह 88.8 लाख थी। इसी क्रम में पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की आपूर्ति पूरी तरह से सुरक्षित है और किसी तरह की कमी नहीं है।
एलपीजी बुकिंग का हिस्सा बढ़कर लगभग 87 प्रतिशत
विभिन्न मंत्रालयों ने पश्चिम एशिया की स्थिति के प्रभाव पर जारी दैनिक अपडेट में बताया कि ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग का हिस्सा बढ़कर लगभग 87 प्रतिशत हो गया है, जो पहले 84 प्रतिशत था। इसका श्रेय तेल विपणन कम्पनियों द्वारा डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा देने और लोगों को एलपीजी डीलरशिप पर लंबी कतारों में खड़ा होकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी करने से रोकने वाले अभियान को दिया गया है।
देश की सभी घरेलू रिफाइनरी पूरी क्षमता पर काम कर रहीं
अधिकारियों ने जानकारी दी कि देश की सभी घरेलू रिफाइनरी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और पर्याप्त कच्चे तेल का भंडारण बनाए हुए हैं। देश पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में आत्मनिर्भर है और घरेलू मांग पूरी करने के लिए इन ईंधनों का कोई आयात आवश्यक नहीं है।
पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की आपूर्ति नियमित
तेल विपणन कम्पनियों ने ईंधन खुदरा बिक्री केंद्रों या एलपीजी वितरकों के पास भंडारण खत्म होने की कोई जानकारी नहीं दी है और पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की आपूर्ति नियमित रूप से बनाए रखी जा रही है। सरकार ने कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के हितों को प्राथमिकता देना और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना जारी रहेगा, विशेषकर घरों और प्राथमिक क्षेत्रों जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों के लिए।
देशभर में LPG की मांग के प्रभावी प्रबंधन और निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सुदृढ़ कदम
🔹 LPG बुकिंग में 59.4% की वृद्धि, दैनिक बुकिंग 55.7 लाख से बढ़कर 88.8 लाख हुई
🔹 IVRS, SMS और मोबाइल आधारित LPG बुकिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से 84% डिजिटल अपनापन
🔹 LPG स्टॉक को स्थिर… pic.twitter.com/gT5C33UfuS
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) March 15, 2026
केंद्र सरकार ने कहा कि बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान सहित कई राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर-घरेलू एलपीजी के आवंटन के लिए निर्देश जारी किए हैं। राज्य सरकारें पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की जमाखोरी और काला बाजारी रोकने के लिए कड़ाई से निगरानी और काररवाई कर रही हैं।
सिलेंडरों की जमाखोरी और काला बाजारी रोकने के लिए छापेमारी भी जारी
वहीं आंध्र प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी और काला बाजारी रोकने के लिए छापेमारी भी जारी है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कम्पनियों के अधिकारी भी एलपीजी वितरकों पर अचानक निरीक्षण कर आपूर्ति की सुचारुता सुनिश्चित कर रहे हैं।
नागरिकों से अपील – घबराकर एलपीजी बुकिंग न करें
इसी क्रम में नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराकर एलपीजी बुकिंग न करें क्योंकि देशभर में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। प्राथमिक क्षेत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर राज्य सरकारों को प्राथमिक वितरण के लिए उपलब्ध कराए गए हैं और अब ये 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध हैं।
पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी कनेक्शन छोड़ना अनिवार्य
इसके साथ ही सरकार ने एलपीजी नियंत्रण आदेश में संशोधन किया है, जिसके तहत पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को घरेलू एलपीजी कनेक्शन छोड़ना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा नागरिकों को पीएनजी जैसी वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। वहीं घरेलू एलपीजी उत्पादन अधिकतम किया गया है और बुकिंग अंतराल को समुचित रूप से निर्धारित किया गया है ताकि समान वितरण सुनिश्चित हो।
पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रमों के मद्देनजर प्रमुख क्षेत्रों के बारे में नवीनतम जानकारी
💠#LPG नियंत्रण आदेश में संशोधन के अंतर्गत पीएनजी आपूर्ति वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन वापस जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है; इस निर्णय का उद्देश्य एलपीजी की उपलब्धता में सुधार करना है…
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) March 15, 2026
विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा
अद्यतन जानकारी में सरकार ने कहा कि विदेश मंत्रालय पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है और वहां रहने वाले भारतीय नागरिकों को 24 घंटे हेल्पलाइन सेवाओं के माध्यम से सहायता प्रदान कर रहा है। 28 फरवरी के बाद से लगभग 1.94 लाख यात्रियों को भारत लौटाया गया है।
सरकारी तेल विपणन कम्पनियां डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दे रहीं
सरकारी तेल विपणन कम्पनियां डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दे रही हैं, घबराकर बुकिंग करने से रोक रही हैं और एलपीजी वितरकों को रविवार को भी खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आपूर्ति सुचारू रहे।

